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लखीमपुर कांड : एसआईटी के लिए आसान नहीं होगा फायरिंग की घटना को साबित कर पाना

Wed, 10 Nov 2021 07:36 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 10 Nov 2021 07:36 PM IST
सार

एसआईटी को यह साबित करना है कि एफएसएल ने जिन असलहों से गोली चलने की पुष्टि की थी उन असलहों से गोली तिकुनिया की घटना में ही चली थी। यह साबित कर पाना एसआईटी के लिए आसान नहीं होगा।

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Lakhimpur incident: It will not be easy for SIT to prove the incident of firing
लखीमपुर खीरी कांड (फाइल फोटो) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

लखीमपुर कांड में असलहों की फारेंसिक रिपोर्ट आने के बाद भी पुलिस की मुश्किलें कम नहीं होंगी। अब एसआईटी को यह साबित करना है कि एफएसएल ने जिन असलहों से गोली चलने की पुष्टि की थी उन असलहों से गोली तिकुनिया की घटना में ही चली थी। यह साबित कर पाना एसआईटी के लिए आसान नहीं होगा।

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दरअसल घटना में गोली चली या नहीं इसके लिए दो ही तरह के साक्ष्य पुलिस के पास होते हैं। पहला मौके से बरामद कारतूस का खोखा और दूसरा एसा व्यक्ति जिसको गोली लगी हो। लखीमपुर की घटना में किसी भी मृतक कीपोस्टमार्टम रिपोर्ट में गन शॉट इंजरी की पुष्टि नहीं हुई है। जबकि मौके से .315 बोर के कारतूस का दो खोखा बरामद हुआ था। रिटायर्ड डीजीपी विक्रम सिंह कहते हैं कि पुलिस के लिए यह पता लगाने के लिए कई तरीके होते हैं कि गोली मौके पर चली या नहीं। मसलन गोली अगर चलाई गई तो उसकी आवाज किसी न किसी ने सुनी जरूर होगी।
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दूसरी अगर फायर मिस भी हो गया तो खोखा जरूर मिलेगा और जब मामला भीड़ में गोली चलाने का है तो यह संभव नहीं कि किसी ने गोली चलाते हुए न देखा हो। विक्रम सिंह का कहना है कि लखीमपुर की घटना के कई वीडियो वायरल हैं। इसमें कुछ ऐसे भी वीडियो है जिसमें फायरिंग की आवाज सुनाई दे रही है और लोग चिल्ला रहे हैं कि गोली चल गई, गोली चल गई। विक्रम सिंह का कहना है कि फायरिंग की आवाज से पता लगाया जा सकता है कि किस असलहे से गोली चली है।
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अगर खोखे नहीं भी मिलते है तो सैकड़ों तमाशबीनों में कोई तो चश्मदीद होगा। उसकी गवाही काफी है। उनका यह भी कहना है कि अगर गोली आत्म रक्षा में चलाई गई है तो संबंधित पर फायरिंग का कोई केस नहीं बनेगा। और अगर किसी को निशाना बनाकर गोली मारी गई है और निशाना मिस कर गया तो भी गोली चलाने वाले को सजा मिलेगी।

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