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यूपी: 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले इलाके में हारी सपा, शेख और तुर्को की जंग बनी वजह, खास पहनावा आया चर्चा में

Mon, 25 Nov 2024 07:11 AM IST
रोहित मिश्र सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ
सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 25 Nov 2024 07:11 AM IST
सार

Kundarki Assembly Election: कुंदरकी सीट पर सबसे अधिक आबादी मुस्लिमों की है। इसमें तुर्क और शेखों की संख्या लगभग बराबर ही है। इसके बावजूद हर चुनाव में सपा की तरफ से तुर्क मुसलमानों पर ही दांव लगाने की परंपरा रही है।
 

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Kundarki Assembly: SP lost in an area with 65 percent Muslim population, due to war between Sheikh and Turks
यूपी उपचुनाव परिणाम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

 65% से अधिक मुस्लिम मतदाताओं वाली कुंदरकी (मुरादाबाद) सीट पर भाजपा की जीत ने कई सियासी संदेश और दलों के लिए सीख दिए हैं। जिस सीट पर सबसे ज्यादा मुसलमान हों और अधिक मतदान हुआ हो, उस सीट पर 1.40 से अधिक वोटों से भाजपा की जीत ने राजनीति विश्लेषकों के लिए भी पहेली साबित हुआ है। जिस सीट पर 1993 के बाद भाजपा को कभी जीत न मिली हो, वहां भाजपा की बंपर जीत पर मंथन स्वाभाविक है। आखिर भाजपा के लिए अचंभा जैसी लगने वाली जीत के पीछे वजह क्या है, इसे समझने के लिए इस सीट पर तुर्क और शेख में बंटे मुस्लिम राजनीति को समझना जरूरी है। माना जा रहा है कि एक ही जाति के दो समुदाओं के बीच पुरानी सियासी लड़ाई की वजह से इस बार सपा ने यह सीट गंवाई है।

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दरअसल कुंदरकी सीट पर सबसे अधिक आबादी मुस्लिमों की है। इसमें तुर्क और शेखों की संख्या लगभग बराबर ही है। इसके बावजूद हर चुनाव में सपा की तरफ से तुर्क मुसलमानों पर ही दांव लगाने की परंपरा रही है। इस बार सपा ने इसी समाज के मोहम्मद रिजवान को मैदान में उतारा था। सूत्रों का कहना है कि लगातार तुर्क मुसलमानों को ही आगे बढ़ाने को लेकर बड़ी संख्या में मौजूद शेखजादों में गहरी नाराजगी थी, इसलिए शेखजादों ने इस बार अपनी उपेक्षा का बदला लेने के लिए नापसंद भाजपा को ही वोट देकर अपनी नाराजगी का इजहार किया है।
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इस चुनाव भाजपा और सपा के उम्मीदवार चयन को बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। भाजपा ने लगातार चुनाव हारने वाले रामबीर सिंह पर दांव लगाया था। रामबीर जो 2017 के चुनाव में मात्र 13 हजार सीट से हार गए थे। जबकि बसपा को 50 हजार वोट मिले थे। यानि जाटव वोट न मिलने के बाद भी रामबीर जीत के करीब पहुंच गए थे। रामबीर की जीत में उनकी छवि की भी बड़ी भूमिका मानी जा रही है।रामबीर लगातार क्षेत्र में बने रहे। पिछले चुनावों में भी रामबीर को 15 से 18 हजार मुस्लिमों का वोट मिलता रहा है। वहीं, सपा ने पूर्व विधायक मोहम्मद रिजवान को पर ही दावं लगाकर चुनाव जीतने का ताना-बाना बुना था, लेकिन रिजवान की छवि को लेकर पहले ही सवाल उठते रहे हैं। शेख बिरादरी के मुसलमान सपा के इस फैसले से नराज थे। शेखजादों को यह लगने लगा था कि अगर इसी तरह तुर्क आगे बढ़ते रहे तो शेखों की राजनीतिक रसूख खत्म हो जाएगी।

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रामपुर से नहीं हो सकती तुलना

Kundarki Assembly: SP lost in an area with 65 percent Muslim population, due to war between Sheikh and Turks
कुंदरकी सीट से भाजपा के रामवीर सिंह विजयी - फोटो : अमर उजाला

रामपुर प्रशासन पर भाजपा सरकार के इशारे पर मुसलमानों को मतदान न करने देने का आरोप लगाया था। पर, 65 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाली कुंदरकी सीट पर 57 प्रतिशत मतदान मुस्लिमों को मतदान से रोकने के आरोपों को खारिज कर दिया है। 35 प्रतिशत हिंदुओं वाली सीट पर 57 प्रतिशत मतदान ने साफ कर दिया है कि मुस्लिमों ने बढ़चढ़कर वोट दिया है। यहा भी कहा जा रहा है कि मुस्लिम वोटों में बंटवारा हो गया। क्योंकि कुंदरकी में चुनाव लड़ रहे 12 उम्मीदवारों में भाजपा के प्रत्याशी रामवीर सिंह को छोड़कर शेष सभी मुस्लिम थे। वहीं, शेख व तुर्क में बंटे मुस्लिमों की वजह से भी सपा को नुकसान हुआ।

अपने ही दांव से सपा चित !

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कुंदरकी विधानसभा उपचुनाव में सपा के प्रत्याशी रिजवान - फोटो : अमर उजाला

कुंदरकी में सपा को भाजपा ने उसी के दांव से चित कर दिया। लोकसभा चुनाव के बाद जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरियाणा चुनाव के दौरान मुसलमानों में जातीय खांचों के मुद्दे को उठाया था।इसके बाद से ही भाजपा की तरफ से मुस्लिमों के बीच तुर्क बनाम राजपूत के मुद्दे को धार दी जा रही थी। उसने जहां हिंदुत्व के कार्ड के साथ ही मुस्लिमों के बीच उनकी जातीय प्रतिस्पर्धा को भी धार देने की नीति पर काम किया। कुंदरकी की जीत से स्पष्ट हुआ है कि भाजपा तुर्क बनाम राजपूत मुसलमान के मुद्दे को वह लोगों के बीच ले जाने में कामयाब रही।

भाजपा की जालीदार टोपी और अरबी गमछा

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कुंदरकी में चुनाव - फोटो : संवाद
मुस्लिम राजपूतों का वोट हासिल करने के लिए भाजपा ने एक और काम किया। इस सीट पर हिंदुत्व को बहुत ज्यादा धार देने के बजाए मुसलमानों को यह भरोसा दिलाने पर फोकस किया गया कि भाजपा उनकी दुश्मन नहीं है। जालीदार टोपी अरबी गमछा का भी भाजपा ने भरपूर इस्तेमाल किया। भाजपा उम्मीदवार ने मुस्लिम इलाकों में जालीदार टोपी और गले में अरबी गमछा डालकर लोगों से वोट मांगे । इसके अलावा रामपुर से सपा के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और मुरादाबाद से सांसद रूचिवीरा के बीच की अनबन ने भी मुस्लिम वोटों में बंटवारा किया। जिसे रोकने में सपा नाकामयाब रही है ।
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