जानिए लखनऊ को कौन सी कंपनी बनाएगी स्मार्ट सिटी
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दक्षिण अफ्रीका की कंपनी डाटा वर्ल्ड इंडिया प्रा. लि. राजधानी के लिए स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) तैयार करेगी। हालांकि कंपनी के पास प्रपोजल तैयार करने में केवल 75 दिन बचे हैं। इसे 15 दिसंबर तक केंद्र सरकार को भेजना है।
कंसल्टेंट कंपनी तय करने का काम महीने की शुरुआत में ही हो जानी थी, लेकिन इसमें देरी के चलते करीब 25 दिन खराब हो चुके हैं। ऐसे में कंपनी को एससीपी बनाने के लिए जरूरी 100 दिन नहीं मिल पाएंगे।
कंसल्टेंट कंपनी तय करने काम को रीजनल सेंटर फॉर अर्बन एंड एनवायरमेंटल स्टडीज (आरसीयूईएस) और नगर विकास विभाग को पूरा करना था। अधिकारियों का कहना है कि इसका खामियाजा स्मार्ट सिटी की दौड़ में अंतिम 24 शहरों में जगह नहीं मिलने के रूप में भुगतना पड़ सकता है।
डाटा वर्ल्ड के पास भारत में काम करने का बहुत ज्यादा अनुभव भी नहीं रहै। मूलरूप से साउथ अफ्रीका की यह कंपनी ने इससे पहले जोहांसबर्ग, डरबन और बफलो सिटी में काम कर चुकी हैं।
भारत में कंपनी ने हाउस टैक्स के प्रबंधन में देहरादून और नागपुर नगर निगम के साथ काम किया है। विकास प्रबंधन, जीआईएस आधारित सेवाओं को प्रदान करने में कंपनी का अच्छा अनुभव है। जो स्मार्ट सिटी प्रपोजल बनाने में मददगार हो सकता है।
कहां है कंसल्टेंट?
अभी तक कंसल्टेंट के चयन का पत्र तक नगर निगम को नहीं मिला। नगर निगम अधिकारियों की आपत्ति है कि समय तेजी से निकलता जा रहा है। ऐसे में कैसे एससीपी बनाने पर काम हो सकेगा। लोगों से भी उनके सुझाव और वार्ड बैठकें करनी हैं। कंसल्टेंट कंपनी ने भी नगर निगम अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं किया है।
कंसल्टेंट के चयन के लिए आधिकारिक पत्र नगर विकास विभाग को भेजना है। सचिव नगर विकास के ब्राजील में होने के चलते इसमें देरी संभव है। संभावना है कि इसे सोमवार तक ही भेजा जा सके। सचिव को एक अक्तूबर को वापस लौटना है। इसके बाद रविवार तक लगातार छुट्टियां रहेंगी।
नगर निगम ने एससीपी में देरी होने के चलते खुद ही लोगों से सुझाव मांगना शुरू कर दिया। इसके लिए नगर आयुक्त को ईमेल और मुख्यालय में पत्र भेजकर भी सुझाव दिए जा सकते हैं। इसके उलट केंद्र सरकार की वेबसाइट पर लखनऊ का एकाउंट नहीं बन सका है।
अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया कि अब 75 दिन बचे हैं। एक-एक कर दिन कम होता जा रहा है। अभी तक हमें एससीपी बनाने के लिए कंसल्टेंट का इंतजार है। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि एससीपी बने, लेकिन कंसल्टेंट का काम तो कंपनी ही करेगा।