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जानिए, राम रहीम को जेल ले जाने वाले एडीजी अकील के बारे में सबकुछ
amarujala.com-presented by: आनंद
Updated Wed, 30 Aug 2017 04:13 PM IST
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा राम रहीम को जेल भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हरियाणा कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अफसर के बारे में जानिए सबकुछ। अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था मोहम्मद अकील हरदुआगंज कस्बे के रहने वाले हैं। उनका जन्म अलीगढ़ के हरदुआगंज कस्बे के मोहल्ला गुडियाई में संपन्न परिवार में हुआ था।
जन्म के तीन साल बाद ही इनके पिता जमील अहमद का देहांत हो गया।
पढ़ें : अलीगढ़ के हैं रामरहीम को जेल ले जाने वाले एडीजी अकील
पिता गर्वमेंट प्रेस में नौकरी करते थे। तीन भाई व एक बहन के बीच यह चौथे नंबर के थे। मां कलसुमन बेगम की देखरेख में दो बडे़ भाई मोहम्मद हनीफ व मोहम्मद आबाद ने परिवार को संभाला। इनके बडे़ भाई मोहम्मद आबाद के अनुसार इनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई। इसके बाद अग्रसेन इंटर कालेज से हाईस्कूल में टॉप करने के बाद एएमयू से पीयूसी किया तथा बीएससी करने लगे, लेकिन दो वर्ष बाद ही बीएससी छोड़कर एएमयू से ही बीटेक सिविल से की, जिसमें गोल्ड मैडल प्राप्त किया।
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इसके बाद 99.61 फीसदी अंक के साथ यूजीसी गेट परीक्षा पास कर दिल्ली आईआईटी की परीक्षा पास की। इसके बाद एमटेक की पढ़ाई पूरी कर सीपीडब्लूडी में असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की नौकरी शुरू कर दी। लेकिन जब आईपीएस अधिकारियों को करीब से देखा तो आईपीएस बनने का ख्वाब जाग गया।
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जन्म के तीन साल बाद ही इनके पिता जमील अहमद का देहांत हो गया।
पढ़ें : अलीगढ़ के हैं रामरहीम को जेल ले जाने वाले एडीजी अकील
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पिता गर्वमेंट प्रेस में नौकरी करते थे। तीन भाई व एक बहन के बीच यह चौथे नंबर के थे। मां कलसुमन बेगम की देखरेख में दो बडे़ भाई मोहम्मद हनीफ व मोहम्मद आबाद ने परिवार को संभाला। इनके बडे़ भाई मोहम्मद आबाद के अनुसार इनकी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी स्कूल में हुई। इसके बाद अग्रसेन इंटर कालेज से हाईस्कूल में टॉप करने के बाद एएमयू से पीयूसी किया तथा बीएससी करने लगे, लेकिन दो वर्ष बाद ही बीएससी छोड़कर एएमयू से ही बीटेक सिविल से की, जिसमें गोल्ड मैडल प्राप्त किया।
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इसके बाद 99.61 फीसदी अंक के साथ यूजीसी गेट परीक्षा पास कर दिल्ली आईआईटी की परीक्षा पास की। इसके बाद एमटेक की पढ़ाई पूरी कर सीपीडब्लूडी में असिस्टेंट एक्जीक्यूटिव इंजीनियर की नौकरी शुरू कर दी। लेकिन जब आईपीएस अधिकारियों को करीब से देखा तो आईपीएस बनने का ख्वाब जाग गया।
पहली पोस्टिंग कुरुक्षेत्र
उन्होंने नौकरी से त्यागपत्र दे दिया तथा 1989 में पहली ही बार में परीक्षा पास कर आईपीएस में भी चयन हो गया, लेकिन फिर एक्सटेंशन लेकर आईएएस बनने का मन बना लिया। लेकिन ऐन वक्त परीक्षा वाले दिन ही दुर्घटना हो जाने के चलते वह परीक्षा नहीं दे सके तथा आईपीएस की ट्रेनिंग के लिए मसूरी चले गये।
पहली पोस्टिंग कुरुक्षेत्र में एक एसएचओ के पद पर मिली। इसके छह माह बाद जमुनानगर जगाधरी में एएसपी रहे। रोहतक में एडीशनल एसपी तथा फरीदाबाद में पहली बार एसएसपी का पद मिला। बडे़ भाई ने बताया कि मोहम्मद अकील दृढ़ इच्छा शक्ति रखते हैं जो भी ठान लेते उसे करके ही दम लेते हैं।
बाबा रामपाल को भी इन्होंने ही गिरफ्तार किया था और पिछले दिनों सोनीपत में हुए जाट आंदोलन पर भी इन्होंने ही काबू पाया। मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान ही इनकी शादी कर दी थी। बड़ी बेटी फरीन पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं, जबकि बेटा फरदीन गेजुएशन में है। परिवार ने जब टीवी पर उन्हें बाबा को जेल ले जाते देखा तो उनका सीना फख्र से ऊंचा हो गया।
पहली पोस्टिंग कुरुक्षेत्र में एक एसएचओ के पद पर मिली। इसके छह माह बाद जमुनानगर जगाधरी में एएसपी रहे। रोहतक में एडीशनल एसपी तथा फरीदाबाद में पहली बार एसएसपी का पद मिला। बडे़ भाई ने बताया कि मोहम्मद अकील दृढ़ इच्छा शक्ति रखते हैं जो भी ठान लेते उसे करके ही दम लेते हैं।
बाबा रामपाल को भी इन्होंने ही गिरफ्तार किया था और पिछले दिनों सोनीपत में हुए जाट आंदोलन पर भी इन्होंने ही काबू पाया। मसूरी में ट्रेनिंग के दौरान ही इनकी शादी कर दी थी। बड़ी बेटी फरीन पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं, जबकि बेटा फरदीन गेजुएशन में है। परिवार ने जब टीवी पर उन्हें बाबा को जेल ले जाते देखा तो उनका सीना फख्र से ऊंचा हो गया।