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Lucknow News: ऑपरेशन करके गुर्दे से निकाली पथरी, जांच में फिर मिली
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लखनऊ। दुबग्गा स्थित माही हॉस्पिटल में बच्चे के गुर्दे की पथरी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के कुछ दिन बाद बच्चे को पेशाब से खून आने लगा। डॉक्टर ने कुछ दवाएं बताईं, मगर राहत नहीं मिली। इस पर परिजनों ने बच्चे की दोबारा जांच कराई। जांच में उसी गुर्दे में फिर पथरी मिली। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही व वसूली का आरोप लगाते हुए मंत्री, पुलिस आयुक्त से शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आयुक्त कार्यालय से मरीज-तीमारदार को सीएमओ ऑफिस भेजा गया। अब जांच रिपाेर्ट आने के बाद अस्पताल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।
सीतापुर महोली जीतेंद्र पांडेय के बेटा आर्यन (9) की किडनी में पथरी थी। नजदीकी अस्पताल से दवा ली, मगर राहत नहीं मिली। परिजनों ने फरवरी में बच्चे को दुबग्गा अंधे चौकी के पास स्थित माही हॉस्पिटल में दिखाया। यहां डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। 20 फरवरी को बच्चे का ऑपरेशन करके स्टंट डाल दिया गया।
पिता जीतेंद्र का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान 80 हजार रुपये भी वसूल लिए गए, मगर कुछ दिन बाद आर्यन की पेशाब में खून आने लगा। माही हॉस्पिटल के डॉक्टर से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ दवाएं लिखीं, मगर राहत नहीं मिली। परिजन दोबारा बच्चे को लेकर लखनऊ आए। दूसरे निजी अस्पताल में स्टंट निकाला गया। वहां जांच दौरान किडनी में दोबारा स्टोन मिला।
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इस पर परिजनों ने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से शिकायत दर्ज कराई। मंत्री ने शिकायती पत्र पर पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। परिजन पुलिस आयुक्त से मिले तो मंगलवार को जांच के लिए मरीज को सीएमओ ऑफिस भेजा गया, जहां परिजनों ने शिकायती पत्र व अन्य साक्ष्य सीएमओ को दिए। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, मामले की जांच कराकर कार्रवाई की संस्तुति होगी।
तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। ऑपरेशन के बाद दोबारा परिजन मरीज को लेकर यहां आए ही नहीं। स्टंट दूसरे अस्पताल में निकाला गया। लापरवाही का आरोप गलत है।
- नियाज, संचालक, माही हॉस्पिटल
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सीतापुर महोली जीतेंद्र पांडेय के बेटा आर्यन (9) की किडनी में पथरी थी। नजदीकी अस्पताल से दवा ली, मगर राहत नहीं मिली। परिजनों ने फरवरी में बच्चे को दुबग्गा अंधे चौकी के पास स्थित माही हॉस्पिटल में दिखाया। यहां डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। 20 फरवरी को बच्चे का ऑपरेशन करके स्टंट डाल दिया गया।
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पिता जीतेंद्र का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान 80 हजार रुपये भी वसूल लिए गए, मगर कुछ दिन बाद आर्यन की पेशाब में खून आने लगा। माही हॉस्पिटल के डॉक्टर से संपर्क किया तो उन्होंने कुछ दवाएं लिखीं, मगर राहत नहीं मिली। परिजन दोबारा बच्चे को लेकर लखनऊ आए। दूसरे निजी अस्पताल में स्टंट निकाला गया। वहां जांच दौरान किडनी में दोबारा स्टोन मिला।
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इस पर परिजनों ने पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से शिकायत दर्ज कराई। मंत्री ने शिकायती पत्र पर पुलिस आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। परिजन पुलिस आयुक्त से मिले तो मंगलवार को जांच के लिए मरीज को सीएमओ ऑफिस भेजा गया, जहां परिजनों ने शिकायती पत्र व अन्य साक्ष्य सीएमओ को दिए। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, मामले की जांच कराकर कार्रवाई की संस्तुति होगी।
तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। ऑपरेशन के बाद दोबारा परिजन मरीज को लेकर यहां आए ही नहीं। स्टंट दूसरे अस्पताल में निकाला गया। लापरवाही का आरोप गलत है।
- नियाज, संचालक, माही हॉस्पिटल