केजीएमयू के सर्जन पर निजी अस्पताल ले जाकर सर्जरी करने का आरोप, मरीज की मौत
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केजीएमयू के एक सर्जन पर कैंसर से जूझ रहे सदर निवासी सतीश अग्रवाल (60) को निजी अस्पताल ले जाकर सर्जरी करने का आरोप लगा है। ये मामला तब सामने आया जब मरीज की मौत हो गई। परिवारीजन का कहना है कि वे इसकी शिकायत शासन से करेंगे।
सतीश अग्रवाल सचिवालय में समीक्षा अधिकारी रह चुके थे। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। उन्हें खाने-पीने में दिक्कत महसूस हुई तो परिवार केजीएमयू ले गया। यहां जीभ में कैंसर होने की पुष्टि हुई। परिवारीजन का आरोप है कि संबंधित डॉक्टर ने सुविधाओं का हवाला देते हुए बिजनौर स्थित निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। यहां पर आरोपी डॉक्टर ने सर्जरी की।
ऑपरेशन बाद मरीज की हालत सुधरने की बजाय और भी बिगड़ गई। परिवारीजन ट्विंकल ने बताया कि ऑपरेशन के बाद केजीएमयू के रेडियोथेरेपी विभाग से सिंकाई चल रही थी। करीब हफ्ते भर पहले हालत गंभीर हो गई तो वे फिर आरोपी सर्जन के संपर्क में गए।
उनके कहने पर मरीज को बालागंज स्थित दूसरे निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां से वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत होने पर मरीज को तीसरे निजी अस्पताल भेजा गया। बुधवार सुबह उनकी मौत हो गई।
डॉक्टर की पार्टनरशिप में चल रहा है निजी अस्पताल
सूत्रों के अनुसार केजीएमयू में कार्यरत सर्जन और बालागंज स्थित निजी अस्पताल के बीच गहरे संबंध हैं। केजीएमयू आने वाले मरीजों को यहां शिफ्ट किया जाता है। पार्टनरशिप का यह कारोबार लंबे समय से चल रहा है। इसी के तहत रिटायर्ड समीक्षा अधिकारी को इस अस्पताल में भेजा गया था।
केजीएमयू के डॉक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब करने के साथ ही कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। फिलहाल अभी मामले की कोई जानकारी नहीं है। - डॉ. संदीप तिवारी, प्रवक्ता केजीएमयू