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नए परिसर के लिए केजीएमयू ने फिर भेजा प्रस्ताव

Wed, 03 Jul 2019 01:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jul 2019 01:18 AM IST
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KGMU send praposal for new campus
नए परिसर के लिए केजीएमयू ने फिर भेजा प्रस्ताव
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रहमानखेड़ा की जमीन पर निगाह, मेडिकल यूनिवर्सिटी का प्रस्ताव खारिज होने के बाद सक्रिय हुआ केजीएमयू
केजीएमयू नए परिसर के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से बनने वाली मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम रहमान खेड़ा से हटते ही केजीएमयू प्रशासन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। शासन को दोबारा पत्र भेजा गया है। केजीएमयू का तर्क है कि दूसरा कैंपस मिलने से मरीजों को तमाम नई सुविधाएं दी जा सकती हैं। पढ़ाई के साथ ही शोध को भी बढ़ावा मिलेगा। नया कैंपस मिलने से दर्जनभर से ज्यादा नए विभाग बनेंगे। साथ ही पैरामेडिकल एवं नर्सिंग फैकल्टी को भी जगह मिल सकेगी।
केजीएमयू में प्रतिदिन करीब करीब आठ से 10 हजार मरीजों की ओपीडी होती है। पहले यहां मेडिसिन और डेंटल संकाय थे। लेकिन अब पैरामेडिकल और नर्सिंग फैकल्टी भी बन गई है। यहां करीब 4400 बेड हैं। इसके अलावा ट्रामा सेंटर में 390 बेड हैं। पूरे प्रदेश से मरीज यहां आते हैं। स्ट्रेचर पर भी इलाज किया जाता है। इसके बावजूद तमाम मरीज बेड न होने की वजह से लौट जाते हैं। केजीएमयू में सुपर स्पेशिएलिटी से जुड़े आधा दर्जन से ज्यादा विभाग खोलने की तैयारी है। इसमें गायनो आंकोलॉजी, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पाइन सर्जरी, रोबोटिक सर्जरी, पीडियाट्रिक आंकोलॉजी आदि प्रमुख हैं। इसके लिए नए कैंपस की जरूरत है।
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इसके अलावा पैरामेडिकल साइंस के पोस्टग्रेजुएट कोर्स और नर्सिंग के पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स के लिए भी अलग से परिसर की जरूरत है। इन दोनों नई फैकल्टी के लिए स्टाफ आवास और हॉस्टल के लिए भी केजीएमयू के पास जगह की कमी है। नया परिसर बनने से इस समस्या का समाधान हो सकता है। इसके लिए करीब 500 एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। कुछ समय पहले हरदोई रोड स्थित रहमान खेड़ा में करीब दो सौ एकड़ जमीन मिली थी। बाद में इस जमीन पर अटल बिहारी वाजपेयी केंद्रीय चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाने की तैयारी शुरू हो गई। लेकिन अब इस विवि को दूसरे स्थान पर जमीन मिल गई है। ऐसे में केजीएमयू ने एक बार फिर शासन से गुहार लगाई है।
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हमें जल्द जमीन मुहैया कराई जाए
दूसरे कैंपस के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। शासन से मांग की गई है कि मरीजों के दवाब देखते हुए केजीएमयू को दूसरा कैंपस दिया जाए, जिससे विभागों का विस्तार हो सके और मरीजों को भी फायदा मिले। मांग की गई है कि रहमान खेड़ा अथवा अन्य किसी स्थान पर जल्द से जल्द जमीन मुहैया कराई जाए। इसके लिए केजीएमयू प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है।

- प्रो. एसएन शंखवार, सीएमएस, केजीएमयू
दो दिन पहले मुख्यमंत्री से मिले थे कुलपति
दो दिन पहले मुख्यमंत्री से कुलपति की मुलाकात को भी इससे जोड़ कर देखा जा रहा है। हालांकि कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट का कहना है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात कई मुद्दों को लेकर हुई थी। इसमें नया कैंपस भी शामिल है। नए कैंसप के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
फैक्ट फाइल
विभाग - 85
डॉक्टर- 556
रेजिडेंट डॉक्टर- 750
नर्सिंग स्टाफ- 283
छात्र - 3500
कर्मचारी - 5000
बेड- 4400
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