कोरोना से लड़ने के लिए केजीएमयू में बनी रैपिड रेस्पॉन्स टीम, पूरी तरह प्रशिक्षित है यह टीम
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केजीएमयू की टीम कोरोना वायरस के खतरे से मरीजों को बाहर निकालेगी। यहां रैपिड रेस्पांस टीम तैयार की गई है। डब्ल्यूएचओ की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन करते हुए केजीएमयू के पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर विभाग की ओर से बनाई गई टीम किसी भी स्थान पर आपात स्थिति में क्विक रेस्पान्स देगी। टीम के सदस्यों को वायरस सिक्यूरिटी कमांडो नाम दिया गया है।
पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. वेद प्रकाश के नेतृत्व में इस टीम ने शनिवार को रिहर्सल किया। टीम वायरस अटैक के बाद होने वाले सभी खतरों से निपटने में सक्षम है। इसे आपात स्थिति में किसी भी स्थान पर भेजा सकता है। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि कोरोना वायरस अपर रेस्परेटरी सिस्टम के साथ लोअर रेस्परेटरी सिस्टम पर अटैक करता है।
मरीजों की सांस की गति के अनुसार तत्काल इलाज शुरू किया जाता है। जरूरत के हिसाब से मरीज को वेंटिलेटर पर रखा जाता है। उन्होंने बताया कि विभाग में भी आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। 21 लोगों की यह टीम पूरी तरह से प्रशिक्षित हो गई है।
ऑनलाइन स्टडी कर बनाया प्रोटोकाल
डॉ. वेद प्रकाश ने बताया, चीन में मरीजों की स्थिति, वहां दिए जा रहे इलाज की तकनीक के आधार पर ऑनलाइन ब्यौरा जुटाया गया। कोरोना वायरस से निपटने को 2003 व 2012 में विभिन्न देशों ने किस तरह से रेस्पांस टीम बनाई थी, उसका अध्ययन किया। उसी आधार पर इसे डिजाइन किया गया है।
यह रैपिड रेस्पांस रेस्क्यू टीम किसी भी स्थान पर जाकर काम करने में सक्षम है। मरीजों को क्रिटिकल केयर की सुविधा उपलब्ध कराएगी। विभाग में बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ की वेंटिलेटर व पेशेंट मैंनेजमेंट की ट्रेनिंग हो रही है।