‘जिएगा’ डॉक्टरों के लिए मर चुका बदलू
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काकोरी के बदलू राम (50) मरकर भी तीन लोगों की जिंदगी दे गए। सिर पर चोट के कारण उसकी ब्रेन डेथ हो चुकी थी।
इसीलिए ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने उसके अंग दान कर जरूरतमंद मरीजों के जीवन बचाने का प्रस्ताव बदलू के परिवारीजनों के सामने रखा।
अनुमति मिलने के बाद बदलू का लिवर और दोनों किडनी मरीजों को ट्रांसप्लांट करने के लिए निकाल ली गई।
उसका लिवर आरएनआर आर्मी हॉस्पिटल दिल्ली, एक किडनी केजीएमयू और दूसरी किडनी एसजीपीजीआई के मरीज को ट्रांसप्लांट के लिए दी गई।
यह पहला मौका है जब केजीएमयू में कैडबर से किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। पीजीआई में यह सुविधा पहले से ही उपलब्ध्ा है।
काकोरी के वली नगर मोहल्ला निवासी किसान बदलू बुधवार को विरोधियों के हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे।
जरूरतमंदों को मिली नई जिंदगी
परिवारीजन उन्हें लेकर केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने इलाज के बाद बदलू के ब्रेन डेथ की जानकारी दी।
साथ ही बताया कि ऐसे व्यक्ति की चिकित्सा की दृष्टि में मौत हो जाती है, लेकिन उसके अंग कई घंटों तक सही सलामत रहते हैं।
इन अंगों को प्रत्यारोपित किया जा सकता है। काउंसलिंग के बाद बदलू के भांजे संजीव कुमार ने अंग लेने की अनुमति दे दी।
इसके बाद किडनी के लिए एसजीपीजीआई और केजीएमयू के एक-एक मरीज का चयन कर लिया गया। जबकि लिवर प्रत्यारोपण के नेशनल आर्गन ट्रांसप्लांट नेटवर्क का सहारा लिया गया।
जरूरतमंद मरीज मिलने के बाद बदलू के शरीर से अंगों को निकालने की तैयारी शुरू की गई।