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केजीएमयू : एक करोड़ 60 लाख रुपये से 300 लैपटॉप की खरीद मामले में रिपोर्ट दर्ज, लगा वित्तीय अनियमितता का आरोप
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लखनऊ। केजीएमयू में सितंबर 2015 में एक करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से 300 लैपटॉप की खरीद मामले में रिपोर्ट दर्ज हो गई है। इसमें खरीद के दौरान प्रशासनिक व वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया गया है। करीब आठ माह पहले भी मामले में तहरीर दी गई थी। केजीएमयू प्रशासन ने दोबारा जांच आख्या के साथ तहरीर दी तो पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
केजीएमयू के प्रॉक्टर आरएएस कुशवाहा ने कुलसचिव आशुतोष द्विवेदी के पत्र का हवाला देकर तहरीर दी है। इससे पहले आठ जून को भी तहरीर दी गई थी। इसमें बताया गया कि कार्यपरिषद की बैठक में अन्य एजेंडे के तहत कुलपति ने पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग से हटाए गए प्रो. आशीष वाखलू पर रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में अनुमोदन दिया। प्रॉक्टर ने 300 लैपटॉप खरीद के मामले में जांच समिति की रिपोर्ट दी। इसमें बताया गया कि आईटी सेल ने 53,447 रुपये की दर से 300 लैपटॉप खरीदे। इसकी कुल कीमत एक करोड़ 60 लाख 34 हजार एक सौ रुपये है। इसे केजीएमयू के आईटी सेल के तत्कालीन सदस्य सचिव डॉ. आशीष वाखलू ने यूपीडिस्को एवं अपट्रॉन पावरट्रानिक्स लिमिटेड से कोटेशन लेकर बजट प्लान किया और तत्कालीन कुलपति डॉ. रविकांत से एग्जामिनेशन फंड से अनुमोदन प्राप्त किया। मामले में एक सितंबर 2015 को आपूर्ति आदेश जारी किया गया और 18 जनवरी 2016 को आपूर्ति मिली। इसका भुगतान सीपीएमटी 2014 निधि से किया गया। अभिलेख में कटिंग, क्रोनोलॉजिकल आर्डर न होना एवं समान पत्रों पर कई टिप्पणियां हैं। इतना ही नहीं खरीदे लैपटॉप का इस्तेमाल परीक्षा के स्थान पर अन्य कामों के लिए किया गया। वहीं, इंस्पेक्टर चौक विश्वजीत सिंह ने कहा कि केजीएमयू प्रशासन ने जून में तहरीर दी थी, पर पुख्ता दस्तावेज नहीं थे। इस पर केजीएमयू की ओर से जांच कर दोबारा तहरीर दी गई, जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने अपने स्तर पर कोई देरी नहीं की है। रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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केजीएमयू के प्रॉक्टर आरएएस कुशवाहा ने कुलसचिव आशुतोष द्विवेदी के पत्र का हवाला देकर तहरीर दी है। इससे पहले आठ जून को भी तहरीर दी गई थी। इसमें बताया गया कि कार्यपरिषद की बैठक में अन्य एजेंडे के तहत कुलपति ने पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग से हटाए गए प्रो. आशीष वाखलू पर रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में अनुमोदन दिया। प्रॉक्टर ने 300 लैपटॉप खरीद के मामले में जांच समिति की रिपोर्ट दी। इसमें बताया गया कि आईटी सेल ने 53,447 रुपये की दर से 300 लैपटॉप खरीदे। इसकी कुल कीमत एक करोड़ 60 लाख 34 हजार एक सौ रुपये है। इसे केजीएमयू के आईटी सेल के तत्कालीन सदस्य सचिव डॉ. आशीष वाखलू ने यूपीडिस्को एवं अपट्रॉन पावरट्रानिक्स लिमिटेड से कोटेशन लेकर बजट प्लान किया और तत्कालीन कुलपति डॉ. रविकांत से एग्जामिनेशन फंड से अनुमोदन प्राप्त किया। मामले में एक सितंबर 2015 को आपूर्ति आदेश जारी किया गया और 18 जनवरी 2016 को आपूर्ति मिली। इसका भुगतान सीपीएमटी 2014 निधि से किया गया। अभिलेख में कटिंग, क्रोनोलॉजिकल आर्डर न होना एवं समान पत्रों पर कई टिप्पणियां हैं। इतना ही नहीं खरीदे लैपटॉप का इस्तेमाल परीक्षा के स्थान पर अन्य कामों के लिए किया गया। वहीं, इंस्पेक्टर चौक विश्वजीत सिंह ने कहा कि केजीएमयू प्रशासन ने जून में तहरीर दी थी, पर पुख्ता दस्तावेज नहीं थे। इस पर केजीएमयू की ओर से जांच कर दोबारा तहरीर दी गई, जिसके आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने अपने स्तर पर कोई देरी नहीं की है। रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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