KGMU : वाइवा में फेल डीएम पाठ्यक्रम के छात्र ने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के लगाए आरोप
मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले इस छात्र का कहना है कि अभी तक अपनी डिग्री के लिए वह काफी कुछ सह रहा था। थीसिस में उनके गाइड ने विषय चयन और उसकी रूपरेखा में किसी प्रकार की मदद नहीं की। इसके बजाय अंतिम समय तक उसमें बदलाव कराते रहे।
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सुपरस्पेशियलिटी पाठ्यक्रम (डीएम) के छात्र ने वाइवा में जानबूझकर फेल करने की बात कहते हुए विभागाध्यक्ष और कुछ शिक्षकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र के अनुसार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ ही एक शिक्षक यौन उत्पीड़न करने की कोशिश भी करते थे। सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए आयोजित हुई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में छात्र ने देश भर में पांचवा स्थान हासिल किया था। छात्र के अनुसार उसका शैक्षणिक रिकॉर्ड शानदार रहा है, लेकिन दुर्भावना की वजह से उसे वाइवा में फेल किया गया है।
मूल रूप से हैदराबाद के रहने वाले इस छात्र का कहना है कि अभी तक अपनी डिग्री के लिए वह काफी कुछ सह रहा था। थीसिस में उनके गाइड ने विषय चयन और उसकी रूपरेखा में किसी प्रकार की मदद नहीं की। इसके बजाय अंतिम समय तक उसमें बदलाव कराते रहे। इसके साथ ही वे उससे काफी निजी काम भी कराते थे। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग में उससे मदद लेने के साथ ही पहले उसे सामान लेकर आने को कहा जाता और बाद में उसी को वापस करने का आदेश सुनाया जाता।
उसने बताया कि कई मौकों पर उसका यौन उत्पीड़न करने की कोशिश भी की गई। इसी तरह विभागाध्यक्ष और एक अन्य महिला शिक्षिका ने भी उसे बराबर परेशान किया। यहां तक कि दूसरे प्रांत का होने की वजह से उसके साथ लगातार भेदभाव किया जाता रहा। वह किसी भी सूरत में अपनी डिग्री चाहता था, लेकिन अब उसे साजिश के तहत वाइवा में फेल कर दिया गया। छात्र ने केजीएमयू प्रशासन से थ्योरी और वाइवा दोनों का पुर्नमूल्यांकन जल्द से जल्द कराने की मांग की है।
केजीएमयू में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी है। वाइवा में बाहर से परीक्षक आते हैं। इसलिए किसी प्रकार के भेदभाव की गुंजाइश काफी है। छात्र ने शिकायत की है इसलिए मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता केजीएमयू