फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   kavi sammelan in lucknow.

कुंवर बेचैन, वसीम बरेलवी हुए सम्मानित

Mon, 29 Sep 2014 01:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 29 Sep 2014 01:20 PM IST
विज्ञापन
kavi sammelan in lucknow.

डॉ. कुंवर बेचैन और प्रो. वसीम बरेलवी ‘प्रो. राम स्वरूप सिंदूर सम्मान 2014’ से अलंकृत किए गए। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री अम्बिका चौधरी ने सम्मानस्वरूप उन्हें 25 हजार रुपये, अंगवस्त्र व स्मृतिचिह्न प्रदान किए।

विज्ञापन


समारोह प्रो. सिंदूर की 84वीं जयंती पर रविवार को सिंदूर मेमोरियल अकादमी की ओर से राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर कवियों व शायरों ने अपनी बेहतरीन रचनाएं पेश कीं। अम्बिका चौधरी ने कहा कि प्रो.सिंदूर के व्यक्तित्व व नजरिये को आखिरकार जमाने को मान्यता देनी ही पड़ी।
विज्ञापन


उन्होंने ‘चिड़िया चाहे जितना उड़े आकाश, दाना तो धरती के पास’ पंक्ति सुनाई। विशिष्ट अतिथि अरबी फारसी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. खान मसऊद अहमद ने कहा कि प्रो. सिंदूर के नाम से विश्वविद्यालय में बीए या एमए टॉपर को पुरस्कार दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कवि सम्मेलन व मुशायरे का आगाज कानपुर से आईं शायरा शबीना अदीब ने किया। उन्होंने ‘गरीब लोगों की उम्र भर की गरीबी मिट जाए ऐ अमीरो, बस एक दिन के लिए अगर जरा सा खुद को गरीब कर लो’ पंक्तियां सुनाईं।

डॉ. सुरेश ने ‘एक बसंत लिए जीता हूं, पतझर का करते शृंगार, वैसे तो दिल दुख का दरिया, मैं पानी का पहरेदार’ और दिल्ली से आए डॉ. माजिद देवबंदी ने ‘खुद को भी आजमाओ तो पहले, कुछ नया कर दिखाओ तो पहले सुनाकर तालियां बटोरीं

डॉ. कुंवर बेचैन ने ‘कुछ तुम बदल के देखो कुछ हम बदल के देखें, जैसे भी हो दिलों का मौसम बदल के देखें, लगता है ये बदल ही आएगी काम अपने, खुशियां बदल के देखीं अब गम बदल के देखें’ सुनाई।

वसीम बरेलवी ने ‘जरा लड़ने की दिल में ठान ली तो बड़ा खतरा जरा सा हो गया है, किसी कुटिया के रौशन तक पहुंचकर, ये सूरज कितना छोटा हो गया है’ सुनाकर दाद बटोरी।


इसके अलावा सोम ठाकुर, देवकीनंद शांत, ताहिर फराज, मो. तौफीक ने भी अपनी रचनाएं सुनाकर लोगों का दिल जीता। कार्यक्रम में प्रो. ऊषा सिन्हा, महासचिव युगांतर सिंदूर, डॉ. महमूद एच रहमानी, विवेक श्रीवास्तव के अलावा तमाम साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। कवि सम्मेलन का संचालन माजिद देवबंदी ने किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed