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कानपुर का चर्चित संजीत यादव मर्डर केस : सीबीआई ने लखनऊ स्थित स्पेशल क्राइम ब्रांच में केस दर्ज कर शुरू की जांच
Mon, 11 Oct 2021 11:11 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 11 Oct 2021 11:11 PM IST
सार
संजीत यादव के परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने 2 अगस्त 2020 को केंद्र को सिफारिश भेजी थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के चर्चित संजीत यादव के अपहरण के बाद हत्या के मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी है। इस मामले में सीबीआई ने सोमवार को लखनऊ में स्पेशल क्राइम ब्रांच में केस दर्ज कर लिया है। मामला पिछले साल 22 जून का है, जब कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र के रहने वाले लैब टेक्निशियन संजीत यादव का अपहरण कर लिया गया था।
अपहरण के चार दिन के बाद बदमाशों ने परिजनों से फिरौती मांगी थी। संजीत की चार दिन बाद हत्या कर लाश नदी में फेंक दी गई थी और पुलिस को चकमा देकर 30 लाख रुपये भी वसूल लिए थे। इस मामले में कानपुर पुलिस ने संजीत के दो दोस्त समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह मामला काफी चर्चा का विषय बना था। इसी मामले में तत्कालीन सहायक पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता को निलंबित भी कर दिया गया था।
सिफारिश के 14 महीने बाद सीबीआई ने दर्ज किया मामला
संजीत यादव के परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने 2 अगस्त 2020 को केंद्र को सिफारिश भेजी थी। केंद्र ने इसी साल 22 सितंबर को जांच सीबीआई से कराए जाने को लेकर अधिसूचना जारी की थी। 11 अक्तूबर को अब इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया। सीबीआई ने बर्रा थाने में दर्ज अपहरण के मुकदमे को अपने यहां दर्ज किया है और अब आगे की जांच की जा रही है।
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अपहरण के चार दिन के बाद बदमाशों ने परिजनों से फिरौती मांगी थी। संजीत की चार दिन बाद हत्या कर लाश नदी में फेंक दी गई थी और पुलिस को चकमा देकर 30 लाख रुपये भी वसूल लिए थे। इस मामले में कानपुर पुलिस ने संजीत के दो दोस्त समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह मामला काफी चर्चा का विषय बना था। इसी मामले में तत्कालीन सहायक पुलिस अधीक्षक अपर्णा गुप्ता को निलंबित भी कर दिया गया था।
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सिफारिश के 14 महीने बाद सीबीआई ने दर्ज किया मामला
संजीत यादव के परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग की थी, जिसके बाद प्रदेश सरकार ने 2 अगस्त 2020 को केंद्र को सिफारिश भेजी थी। केंद्र ने इसी साल 22 सितंबर को जांच सीबीआई से कराए जाने को लेकर अधिसूचना जारी की थी। 11 अक्तूबर को अब इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया। सीबीआई ने बर्रा थाने में दर्ज अपहरण के मुकदमे को अपने यहां दर्ज किया है और अब आगे की जांच की जा रही है।
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