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कानपुर शिक्षक सीट का चुनाव हुआ निरस्त, फिर पड़ेंगे वोट
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sat, 04 Feb 2017 02:18 PM IST
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वोट डालते पूर्व एमएलसी डॉ वाईडी सिंह
- फोटो : amar ujala
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विधान परिषद की शिक्षक व स्नातक की पांच निर्वाचन सीट के लिए शुक्रवार को हुए मतदान में 43 से लेकर 87 फीसदी तक मतदान हुआ। स्नातक निर्वाचन सीट में 43 से 55 फीसदी तक मत पड़े हैं।
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जबकि, इलाहाबाद-झांसी शिक्षक सीट के लिए 87 फीसदी वोट पड़े। वैसे तो कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए भी 81 प्रतिशत मतदान हुआ था, लेकिन यहां पर गड़बड़ी के कारण मतदान रद्द कर दिया गया है।
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अब छह फरवरी को यहां फिर मतदान होगा। परिषद में स्नातक की तीन सीटों गोरखपुर-फैजाबाद, कानपुर और बरेली-मुरादाबाद सीट के लिए 29 जिलों में शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान हुआ।
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जबकि, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की दो सीटों इलाहाबाद-झांसी व कानपुर सीट के लिए भी शुक्रवार को ही वोट डाले गए।मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के ओएसडी अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि सभी जगह शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न हुए हैं।
छिटपुट शिकायतों को छोड़कर बाकी किसी जगह से कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। बरेली मुरादाबाद स्नातक सीट पर 42.92 फीसदी, गोरखपुर-फैजाबाद स्नातक सीट पर 54.83 फीसदी और कानपुर स्नातक सीट पर 51.79 फीसदी मतदान हुआ है।
दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
डेमो
- फोटो : demo pic
कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतपत्र में दो निर्दलीय प्रत्याशियों की फोटो आपस में बदल गईं। मतदान के बाद इसका पता चला। तब तक यहां 80.94 फीसदी वोट पड़ चुके थे।
मामले की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई। इस पर चुनाव आयोग ने शुक्रवार को हुए मतदान को रद्द कर दिया है। अब छह फरवरी को फिर मतदान होगा।
कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में लापरवाही के कारण मतपत्र में हुई गड़बड़ी को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है।
आयोग की नाराजगी इस बात पर है कि मतदान से पहले बैलट पेपर की गंभीरता से जांच क्यों नहीं की गई। इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से गड़बड़ी के लिए दोषियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर शिक्षक सीट पर दोबारा मतदान होने के कारण अब मतगणना सात या आठ फरवरी को होगी। पहले मतगणना छह फरवरी को होनी थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग से इसकी इजाजत मांगी है।
मामले की जानकारी चुनाव आयोग को दी गई। इस पर चुनाव आयोग ने शुक्रवार को हुए मतदान को रद्द कर दिया है। अब छह फरवरी को फिर मतदान होगा।
कानपुर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में लापरवाही के कारण मतपत्र में हुई गड़बड़ी को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है।
आयोग की नाराजगी इस बात पर है कि मतदान से पहले बैलट पेपर की गंभीरता से जांच क्यों नहीं की गई। इस मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी से गड़बड़ी के लिए दोषियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद दोषी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर शिक्षक सीट पर दोबारा मतदान होने के कारण अब मतगणना सात या आठ फरवरी को होगी। पहले मतगणना छह फरवरी को होनी थी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव आयोग से इसकी इजाजत मांगी है।