भूकंप के बाद अब धरती में हुआ वाइब्रेशन, यहां लगे झटके
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शुक्रवार रात 8.40 बजे कानपुर के कई हिस्सों में भूकंप जैसे झटके महसूस होने से हड़कंप मच गया। लोग घरों से निकलकर सड़क पर भागे। एक-दूसरे से जानकारी लेने लगे।
भूकंप की आशंका में घंटों लोग सड़क और पार्कों में जमे रहे। हालांकि आईआईटी के वैज्ञानिकों का कहना है कि झटके भूकंप के नहीं थे। कभी-कभी धरती में कंपन महसूस किए जाते हैं।
रात में अचानक खिड़कियां आवाज के साथ हिलने और कमरे में झटके महसूस होने के बाद जो जहां था शोर मचाते हुए बाहर की ओर भागा। तकरीबन दस सेकेंड तक कंपन महसूस होता रहा। अफरा-तफरी के बीच लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में सड़क और पार्कों की ओर भागे।
आरएस इन्क्लेव गुप्ता सोसाइटी इंद्रा नगर के कृष्ण कुमार गुप्ता, चेतराम यादव, रामपाल सविता, सतीश कटियार आदि ने बताया कि रात 8: 40 बजे खिड़कियां हिलने लगीं। जमीन में कंपन महसूस होने के बाद सभी परिवार के साथ बाहर की ओर भागे। बाहर आने पर देखा कि सोसाइटी के और लोग भी दहशतजदा बाहर खड़े हैं।
जानें, क्या बोले लोग और एक्सपर्ट
फजलगंज के सतीश सोनकर, राजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके बाद लगा कि धरती कांप रही है। कुछ लोग भूकंप आने का शोर मचाते हुए भागे तो वह लोग भी सड़क पर आ गए।
हैलट के वार्ड नंबर दो के कुछ मरीजों के तीमारदार खिड़कियां हिलने के बाद बाहर की ओर भागे। काकादेव आदि इलाकों में भी सड़क पर भी लोग कंपन होने की चर्चा करते दिखे।
आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर जावेद मलिक ने कहा कि उन्होंने भी कंपन महसूस किया है। धरती में कुछ वाइब्रेशन रिकॉर्ड हुआ है।
नेशनल सेसनिक सेंटर नई दिल्ली से जानकारी ली तो वहां से बताया गया कि भूकंप का कोई झटका नहीं आया है। अमेरिकन जूलोजिकल सर्वे से संबंधित एजेंसियों से बात करने पर भी भूकंप की पुष्टि नहीं है। प्रो. मलिक ने कहा कि कभी-कभी धरती में कंपन महसूस होते हैं। लोगों को लगता है कि भूकंप आ गया।