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मैंगोमैन कलीमुल्लाह के बाग में अपने आप उगा अनोखा आम, नाम दिया योगी
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Mon, 08 May 2017 05:09 PM IST
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मैंगोमैन कलीमुल्लाह
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, अभिनेत्री ऐश्वर्या राय के बाद अब सीएम योगी आदित्यनाथ के नाम का आम धूम मचाएगा। मैंगो मैन के नाम से मशहूर और पद्मश्री हाजी कलीमुल्लाह ने आम नर्सरी में अपने आप उगी आम की एक अलग वैरायटी का नाम सीएम योगी आदित्य नाथ रखा है।
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यह आम दिखने में सुंदर और पतला है, लेकिन इसके स्वाद का पता पकने के बाद ही चलेगा। उम्र के 74वें वर्ष में प्रवेश कर चुके हाजी कलीमुल्लाह बड़े ही जोश के साथ इस नई आम की वैरायटी के बारे में बताते हुए कहते हैं कि यह भिंडी की तरह पतला व अन्य आमों की अपेक्षा काफी बड़ा है।
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पहली बार सिर्फ चार आम ही आए हैं, जिसका स्वाद पकने के बाद ही पता चलेगा। यह अभी हरा है, लेकिन उम्मीद है कि इसका स्वाद सबको बहुत पसंद आएगा। इसके लिए वे पूरी तरह से आश्वस्त हैं।
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कलीमुल्लाह बताते हैं कि इसका स्वाद दशहरी की तरह होना चाहिए। उन्होंने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि उन्होंने इस वैरायटी को खुद से नहीं बनाया है बल्कि यह अपने आप उगी है।
इस कारण भी यह अपने आप में विशेष हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिस तरह दशहरी आम का पूरा विश्व मुरीद है उसी तरह योगी आम भी खूब धूम मचाएगा।
योगी को बतौर तोहफा देने की चाहत
डेमो पिक
- फोटो : amar ujala
यूपी की कमान संभालने के बाद सीएम योगी के कार्यों को देख कलीमुल्लाह मुरीद हो गए हैं। वह बताते हैं कि यही कारण है कि उन्होंने उनके नाम पर इस आम का नामकरण किया। कलीमुल्लाह कहते हैं कि योगी जैसी शख्सियत दुनिया में नहीं मिलेगी। जबसे सीएम बने हैं तबसे लगातार जनहित के कार्यों पर ध्यान दे रहे हैं। अपने सभी वादों को पूरा करने का सिलसिला उनका जारी है।
पहले भी बना चुके हैं कीर्तिमान
कलीमुल्लाह बताते हैं कि 1957 से पांच एकड़ की बाग में आम के विकास पर कार्य कर रहे हैं। 1987 से आमों की विभिन्न वैरायटी को उगाने का भी कार्य करने लगे हैं। वह एक ही पेड़ पर तीन सौ आमों की वैरायटी उगाकर रिकॉर्ड भी कायम कर चुके हैं।
ऐसे हुई थी शुरुआत
अपने इस शौक के बारे में कलीमुल्लाह बताते हैं कि एक बार वह फूलों के बीच से गुजर रहे थे, जहां पर उन्होंने देखा कि एक ही जगह पर कई प्रकार के फूल खिले हुए थे। वहां से उनके मन में इस प्रकार का ख्याल आया और कई प्रयोग कर डाले। उन्होंने बताया कि उनके 99 फीसदी प्रयोग असफल हो गए थे, लेकिन कुछ इतने सफल हुए जिन्होंने उनकी पहचान कायम की।
कलीमुल्लाह ने बताया कि पेड़ पर तो सिर्फ चार आम ही आए हैं, लेकिन ऊपर वाले के करम से ये चारों आम भीषण आंधी में भी सुरक्षित रहे। उनकी इच्छा है कि पकने के बाद इसको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपहार स्वरूप दें।
पहले भी बना चुके हैं कीर्तिमान
कलीमुल्लाह बताते हैं कि 1957 से पांच एकड़ की बाग में आम के विकास पर कार्य कर रहे हैं। 1987 से आमों की विभिन्न वैरायटी को उगाने का भी कार्य करने लगे हैं। वह एक ही पेड़ पर तीन सौ आमों की वैरायटी उगाकर रिकॉर्ड भी कायम कर चुके हैं।
ऐसे हुई थी शुरुआत
अपने इस शौक के बारे में कलीमुल्लाह बताते हैं कि एक बार वह फूलों के बीच से गुजर रहे थे, जहां पर उन्होंने देखा कि एक ही जगह पर कई प्रकार के फूल खिले हुए थे। वहां से उनके मन में इस प्रकार का ख्याल आया और कई प्रयोग कर डाले। उन्होंने बताया कि उनके 99 फीसदी प्रयोग असफल हो गए थे, लेकिन कुछ इतने सफल हुए जिन्होंने उनकी पहचान कायम की।
कलीमुल्लाह ने बताया कि पेड़ पर तो सिर्फ चार आम ही आए हैं, लेकिन ऊपर वाले के करम से ये चारों आम भीषण आंधी में भी सुरक्षित रहे। उनकी इच्छा है कि पकने के बाद इसको मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपहार स्वरूप दें।