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यूपी के बिना नहीं होगी देश की तरक्की: कलाम
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sat, 28 Sep 2013 02:51 AM IST
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पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने उत्तर प्रदेश के पिछड़ेपन पर चिंता जताई है।
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कहा कि उत्तर प्रदेश के बिना देश की तरक्की संभव नहीं है, पर यहां की स्थिति को देखते हुए लगता है कि जितना विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ।
देश को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने और बेरोजगारी से निजात दिलाने के लिए सबसे पहले उत्तर प्रदेश के विकास व बेरोजगारी को खत्म करने की चिंता करनी होगी। डॉ. कलाम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में न तो संसाधनों की कमी है और न ही यहां के लोगों में जज्बे की।
डॉ. कलाम शुक्रवार को यहां साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर के दूसरे चरण का लोकार्पण करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में मौजूद पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि नैतिकता व भ्रष्टाचार से समझौता न करने का गुण ही भाजपा को दूसरों से अलग करता है।
इसलिए इन बातों पर समझौता नहीं हो सकता। कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी का नाम खूब गूंजा। डॉ. कलाम व आडवाणी से लेकर सभी लोगों ने उनकी चर्चा की और कार्यक्रम में तालियां गूंजीं।
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डॉ. कलाम ने भाषण की शुरूआत हिंदी में की। उन्होंने अटल बिहारी के सोच की तारीफ की। कहा कि साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में आकर उन्होंने देखा कि सांसद व विधायक चाहें तो अपनी निधि से लोगों के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं।
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पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि लगभग 20 करोड़ आबादी उसमें लगभग 10 करोड़ युवाओं वाले उत्तर प्रदेश को छोड़कर देश की तरक्की की बात नहीं सोची जा सकती।
उन्होंने कहा कि यूपी के विकास के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना की जरूरत है। स्किल मैपिंग की जरूरत है। साथ ही अवस्थापना सुविधाओं को और ठीक करने की आवश्यकता है।
राजनीति आगे और विकास पीछे
डॉ. कलाम ने कहा कि जिस राज्य ने देश को कई उदीयमान नेता दिए। प्रधानमंत्री दिए। अन्य क्षेत्रों में भी कई विभूतियां दीं। वहां विकास का एजेंडा पीछे छूट गया है। यहां आम आदमी से जुड़े उद्यमों को स्थापित करने की जरूरत है।