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यूपी : कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद पर लल्लू की तैनाती पर जितिन ने फंसाया पेंच
Tue, 24 Sep 2019 11:38 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Tue, 24 Sep 2019 11:38 AM IST
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Jitin Prasad
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर पार्टी के विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू की दावेदारी पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने पेंच फंसा दिया है। उन्होंने खुद यह जिम्मेदारी लेने की पेशकश की है। नतीजतन, पार्टी हाईकमान ने लल्लू की तैनाती के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि इससे प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा में थोड़ी देर हो सकती है।
वर्तमान में लल्लू कांग्रेस के पूर्वी यूपी के प्रभारी हैं। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के यूपी के हर दौरे में लल्लू न सिर्फ उनके साथ रहे हैं, बल्कि बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लिया है। प्रियंका की ‘गुड बुक’ में होने के कारण पिछले महीने उनकी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर ताजपोशी करीब-करीब तय हो चुकी थी। सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी थी।
पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी। हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले हाईकमान उन्हें यह जिम्मेदारी देना चाहता था, पर वे तैयार नहीं थे। तब वह भाजपा के संपर्क में भी बताए जा रहे थे।
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वर्तमान में लल्लू कांग्रेस के पूर्वी यूपी के प्रभारी हैं। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के यूपी के हर दौरे में लल्लू न सिर्फ उनके साथ रहे हैं, बल्कि बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लिया है। प्रियंका की ‘गुड बुक’ में होने के कारण पिछले महीने उनकी प्रदेश अध्यक्ष के पद पर ताजपोशी करीब-करीब तय हो चुकी थी। सिर्फ औपचारिक घोषणा बाकी थी।
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पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों के मुताबिक, इसी बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने भी अपनी दावेदारी पेश कर दी। हालांकि लोकसभा चुनाव से पहले हाईकमान उन्हें यह जिम्मेदारी देना चाहता था, पर वे तैयार नहीं थे। तब वह भाजपा के संपर्क में भी बताए जा रहे थे।
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वर्ष 2014 के बाद जितिन 2019 का लोकसभा चुनाव भी हारे तो उनके सामने अपना राजनीतिक वजूद बचाने की चुनौती भी है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष का पद पाने के बाद वे इस वजूद को बचाए रखने में सफल होंगे।
संसाधनों के लिहाज से भी जितिन मजबूत माने जा रहे हैं। प्रदेश में ब्राह्मण समीकरण साधने के लिहाज से हाईकमान जितिन को मुफीद मान रही है। यही वजह है कि सबकुछ तय होने के बावजूद लल्लू के नाम की घोषणा नहीं की गई।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि लल्लू का नाम प्रियंका ने आगे बढ़ाया था, पर जितिन की दावेदारी सामने आने पर वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर और अधिक विचार-विमर्श करने का फैसला किया है। इन परिस्थितियों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की घोषणा में महीना भर भी लग सकता है।
संसाधनों के लिहाज से भी जितिन मजबूत माने जा रहे हैं। प्रदेश में ब्राह्मण समीकरण साधने के लिहाज से हाईकमान जितिन को मुफीद मान रही है। यही वजह है कि सबकुछ तय होने के बावजूद लल्लू के नाम की घोषणा नहीं की गई।
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि लल्लू का नाम प्रियंका ने आगे बढ़ाया था, पर जितिन की दावेदारी सामने आने पर वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर और अधिक विचार-विमर्श करने का फैसला किया है। इन परिस्थितियों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की घोषणा में महीना भर भी लग सकता है।