Jitin Prasad Interview : कांग्रेस और जनता के बीच गहरी खाई, पार्टी 300 पार का लक्ष्य पूरा करेगी
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विस्तार
प्रदेश सरकार के प्राविधिक शिक्षा मंत्री और यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे जितिन प्रसाद का कहना है कि जनता और कांग्रेस के बीच दूरियां बढ़ गई हैं। दोनों के बीच इतनी गहरी खाई हो गई है कि उसे भरना अब मुश्किल है। उनका मानना है कि विधानसभा चुनाव में न तो सपा रालोद का गठबंधन कहीं टिकेगा, न ही उनके घोषणापत्र पर जनता विश्वास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि मोदी-योगी सरकार की योजनाओं से जनता को मिल रहे लाभ और प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए सुधार से खुश जनता एक बार फिर प्रदेश में भाजपा को मौका देगी। भाजपा को 300 प्लस सीटों पर विजय मिलेगी। जितिन प्रसाद ने चुनावी मुद्दों पर सचिन मुद्गल से खुलकर बात की। पेश हैं प्रमुख अंश...
दो चरणों के मतदान हो गए, भाजपा की स्थिति क्या है?
मैंने पहले और दूसरे चरण में हुए चुनावों की 60 सीटों पर भ्रमण किया, मंच तक ही नहीं, लोगों से व्यक्तिगत संवाद किया। भाजपा के पक्ष में स्पष्ट रुझान है, मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भाजपा 300 सीटों का आंकड़ा पार कर सरकार बनाएगी।
विपक्षी दल भाजपा से ब्राह्मण समाज की नाराजगी का मुद्दा उठा रहे थे, क्या यह मुद्दा है?
यह विपक्षी दलों का समाज को भ्रमित करने का षड्यंत्र था। ब्राह्मण समाज में कोई असंतोष नहीं है। काम और विकास के आधार पर सभी समाज भाजपा को वोट दे रहे हैं। ब्राह्मण समाज पूरी तरह से लामबंद है।
कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के लिए आप किन कारणों को जिम्मेदार मानते हैं?
हम भाजपा में शामिल हो चुके हैं। जनता और पार्टी नेतृत्व का समर्थन और विश्वास मुझे प्राप्त है। मैं यह कह सकता हूं कि भाजपा ही देश और प्रदेश के निर्माण की बात को लेकर चल रही है। किसी राजनीतिक दल में जो विचार और माहौल होना चाहिए, वह भाजपा में ही मिलता है। जहां तक कांग्रेस का सवाल है, वह जनता से बहुत दूर जा चुकी है। जनता और कांग्रेस के बीच बहुत गहरी खाई बन चुकी है, अब वह नहीं भर सकती है।
पश्चिमी यूपी में रालोद और सपा के गठबंधन का कितना असर रहेगा?
पिछले चुनावों में भाजपा के खिलाफ इससे बड़े-बड़े गठबंधन भी हुए हैं। वे सभी गठबंधन धराशायी हो गए। सपा-रालोद ही नहीं, सभी विपक्षी दल एक हो जाएं, तो भी भाजपा को नहीं हरा सकते हैं।
विकास के साथ हिंदू-मुसलमान का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है?
भाजपा पूरी तरह से विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर क्षेत्र में एक से दो रैलियां कीं। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लोकार्पण, गंगा एक्सप्रेसवे शिलान्यास, जेवर एयरपोर्ट के शिलान्यास सहित कई बड़ी सौगातें प्रदेश को दी। गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सहारनपुर से लेकर गाजीपुर तक सभाएं और कार्यक्रम किए हैं। जनता को सपा और भाजपा सरकार के कार्यकाल के कानून-व्यवस्था का अंतर साफ नजर आ रहा है। जनता फिर चाहती है कि भाजपा की सरकार बने। पहले यूपी में कोई निवेश करने नहीं आता था। अब निवेश भी हो रहा है और रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। यूपी को देश का नंबर वन प्रदेश बनाएंगे।
सपा ने घोषणापत्र में 300 यूनिट मुफ्त बिजली और पुरानी पेंशन बहाली का वादा किया है, क्या इन वादों का जनता में असर है?
सपा ने एक कागजी घोषणा पत्र पेश किया है। सपा जानती है कि उनकी सरकार नहीं बनेगी, इसलिए वह कुछ भी कागजी घोषणा कर सकती है। जनता सब जानती है कि हताशा में सपा के नेता भ्रमित करने के लिए चुनावी वादा कर रहे हैं। जनता इनके झांसे में नहीं आएगी।