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Lucknow News: अवैध बिजली कनेक्शन देने वाले जेई हटे, एसडीओ भी कार्रवाई की जद में
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लखनऊ। चारबाग इलाके में बिल्डर के खर्चे पर बिना ट्रांसफार्मर लगाए और लाइन स्थापित किए पांच किलोवाट का वाणिज्यिक बिजली कनेक्शन देने के मामले में जीटीआई उपकेंद्र के जेई मनोज कुमार वर्मा को हटा दिया गया है। इन्हें अब चौक खंड के महताब बाग उपकेंद्र में तैनाती दी गई है और यहां के जेई प्रखर सिंह को जीटीआई उपकेंद्र भेजा गया है।
यह कार्रवाई जांच कमेटी की रिपोर्ट पर हुई है। कॉमर्शियल कनेक्शन देने की जिम्मेदारी एसडीओ राम विलास सिंह ने निभाई थी। ऐसे में उन पर भी जल्द कार्रवाई होने की संभावना है। कमेटी आरोप पत्र तैयार कर रही है। उसका जवाब न देने पर उन्हें निलंबित किया जा सकता है।
अमर उजाला ने 31 मार्च को अपार्टमेंट में पूर्व राज्यमंत्री को दिया अवैध बिजली कनेक्शन शीर्षक से खबर प्रकाशित कर जेई, एसडीओ की बिल्डर से सांठगांठ का खुलासा किया था। हालांकि, इस प्रकरण में एक्सईएन एसके वर्मा की जांच में जेई व एसडीओ पहले ही दोषी साबित हो चुके थे, मगर, तीन सदस्यीय कमेटी ने दोबारा जांच की तो इसमें भी दोनों दोषी पाए गए।
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दरअसल, इस बिजली कनेक्शन को दिलाने में एक दलाल ने अहम भूमिका अदा की थी। इसी कारण एसडीओ ने भौतिक सत्यापन किए बिना ही सीधे बिजली कनेक्शन दे दिया था। हालांकि, भ्रष्टाचार की पोल खुलने पर कनेक्शन काट कर मीटर उतार लिया गया था।
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यह कार्रवाई जांच कमेटी की रिपोर्ट पर हुई है। कॉमर्शियल कनेक्शन देने की जिम्मेदारी एसडीओ राम विलास सिंह ने निभाई थी। ऐसे में उन पर भी जल्द कार्रवाई होने की संभावना है। कमेटी आरोप पत्र तैयार कर रही है। उसका जवाब न देने पर उन्हें निलंबित किया जा सकता है।
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अमर उजाला ने 31 मार्च को अपार्टमेंट में पूर्व राज्यमंत्री को दिया अवैध बिजली कनेक्शन शीर्षक से खबर प्रकाशित कर जेई, एसडीओ की बिल्डर से सांठगांठ का खुलासा किया था। हालांकि, इस प्रकरण में एक्सईएन एसके वर्मा की जांच में जेई व एसडीओ पहले ही दोषी साबित हो चुके थे, मगर, तीन सदस्यीय कमेटी ने दोबारा जांच की तो इसमें भी दोनों दोषी पाए गए।
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दरअसल, इस बिजली कनेक्शन को दिलाने में एक दलाल ने अहम भूमिका अदा की थी। इसी कारण एसडीओ ने भौतिक सत्यापन किए बिना ही सीधे बिजली कनेक्शन दे दिया था। हालांकि, भ्रष्टाचार की पोल खुलने पर कनेक्शन काट कर मीटर उतार लिया गया था।