यूपी: सियासत के आशीर्वाद रथ पर चलने को तैयार जयंत का चुनावी रथ, 7 अक्तूबर से शुरू करेंगे चुनावी यात्रा
रालोद पश्चिमी यूपी में माहौल बनाकर सपा के साथ गठबंधन में सीटों का दावा मजबूत करेगी। इसके लिए 7 से 28 अक्तूबर तक आशीर्वाद यात्रा निकाली जाएगी।
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पश्चिमी यूपी में चल रहे सियासी माहौल को भांपकर किसानों की नब्ज पर हाथ रखने के लिए रालोद ने अपना चुनावी रथ तैयार कर लिया है। आशीर्वाद यात्रा के जरिए रालोद प्रमुख जयंत चौधरी 17 विधानसभा क्षेत्रों में आशीर्वाद कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। इसकी सफलता के लिए रालोद ने जहां पूरी ताकत लगाई है, वहीं कार्यक्रमों का रूट मैप भी जारी कर दिया है।
रालोद सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद बीते 19 सितंबर को छपरौली में हुई रस्म पगड़ी में जयंत सिंह को पगड़ी बांधी गई थी। लेकिन जयंत ने विभिन्न खापों के चौधरियों की मौजूदगी व भारी भीड़ के बावजूद कोई राजनीतिक बात नहीं की। जबकि लोगों को यह लग रहा था कि जयंत कुछ खास बोलेंगे। पर रालोद थिंक टैंक की सोच इससे आगे की थी। इसी रणनीति के तहत अब आशीर्वाद यात्रा के कार्यक्रमों में सभी गिले-शिकवों को दूर करने की तैयारी है। पगड़ी बंधने के बाद जनता जनार्दन का आशीर्वाद लेने के लिए जयंत क्षेत्र में निकल रहे हैं।
7 से 28 अक्तूबर तक चलेगी आर्शीवाद यात्रा
रालोद प्रदेश मीडिया संयोजक सुनील रोहटा के मुताबिक सात अक्तूबर को नूरपूर हापुड़ में पहला कार्यक्रम होगा। एक दिन में दो-दो जगह कार्यक्रम किए जाएंगे। खैर, बुढ़ाना, चांदपुर, सादाबाद, बीबी नगर, गंगोह, मुरादनगर, थानाभवन, सिवालखास, नौगांवा सादात, जेवर, फतेहपुर सीकरी, गोवर्धन, बिलासपुर, कांठ के बाद बड़ौत में 28 अक्तूबर को कार्यक्रम होगा।
इसके बाद एक नवंबर से नया शेड्यूल जारी होगा। रालोद के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे ने बताया कि छह अक्तूबर को जयंत सिसौली में बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की जयंती पर होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। सिसौली में ही आगे की रणनीति तय होगी।
शक्ति प्रदर्शन के जरिए मजबूत करेंगे दावा
सपा के साथ रालोद का गठबंधन हो चुका है पर सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। रालोद का शक्ति प्रदर्शन भी इस पर निर्भर करेगा कि उसका दावा कितना मजबूत है। वेस्ट यूपी की काफी सीटों पर रालोद अपना दावा पेश कर रहा है। ऐसे में उसके हिस्से में कितनी सीट आती हैं, यह भी इन कार्यक्रमों से तय होगा।