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जावेद उस्मानी के खुलासे से सरकार को लगा सदमा
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 25 Dec 2013 12:33 AM IST
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सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव भले ही मुजफ्फरनगर और शामली के राहत शिविरों में पनाह लिए लोगों को षड्यंत्रकारी बता रहे हों लेकिन उनकी पार्टी की सरकार बाकायदा स्वीकार कर रही है कि ये लोग इतने खौफजदा हैं कि अपने घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
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20 दिसंबर को प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया था कि अभी पांच कैंपों में 4783 दंगा पीड़ित शरण लिए हुए हैं और डर की वजह से अपने घर लौटने को तैयार नहीं हैं।
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यही नहीं, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी माना है कि शिविरों में बचे दंगा पीड़ितों को उनके घर वापस भेजने के लिए जो भी कदम उठाने होंगे, सरकार उठाएगी।
मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में षड्यंत्रकारियों के रहने संबंधी मुलायम के बयान पर शिविरों में रहने वालों के साथ-साथ मुसलिम नेताओं ने भी ऐतराज जताया है।
मुलायम ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है क्योंकि शासन की ओर से आधिकारिक तौर पर कहा जा रहा है कि पांच कैंपों में 4783 लोग रह रहे हैं। इनमें एक कैंप मुजफ्फरनगर तथा चार शामली में हैं।
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