{"_id":"671fa10778e7f9909e0a4421","slug":"jagadguru-paramhans-speaks-about-gyanvapi-case-2024-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्ञानवापी पर विवादित बयान: जगद्गुरु परमहंस बोले, जरूरत पड़ी तो हाथ में ले लेंगे कानून","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्ञानवापी पर विवादित बयान: जगद्गुरु परमहंस बोले, जरूरत पड़ी तो हाथ में ले लेंगे कानून
Mon, 28 Oct 2024 08:04 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 28 Oct 2024 08:04 PM IST
सार
अयोध्या की तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस ने ज्ञानवापी मामले पर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम कानून हाथ में भी लेंगे।
विज्ञापन
जगद्गुरु परमहंस
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अयोध्या तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस का विवादित बयान सामने आया है। ज्ञानवापी के प्रकरण पर उन्होंने कहा कि हम लोग संवैधानिक दायरे में इंतजार कर रहे हैं लेकिन राम मंदिर जैसा इंतजार नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो कानून को हाथ में लेंगे। जो ऐतिहासिक स्थल है, उसे पुर्नप्रतिष्ठित करेंगे। वह श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के लिए सोमवार शाम कूरेभार स्थित मदनपुर पहुंचे थे।
जगदगुरु परमहंस ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविद का हवाला देते हुए कहा कि जो न्याय देर से मिलता है, वो अन्याय के सामान होता है। उन्होंने ये भी कहा कि बांग्लादेश भारत का हिस्सा है। जब से वो अलग हुआ और इस्लामिक राष्ट्र बना तो वहां लगातार सनातनियों पर अत्याचार हुए। हिंसा हुई, दुष्कर्म हुए और सनातनियों की संख्या दिनों दिन कम हुई है।
ये भी पढ़ें - रामलला की पहली दिवाली: 84 कोस तक फैली दीपोत्सव की आभा, रोशन होंगे 200 से अधिक मठ-मंदिर
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - UP: फीकी हुई रामगोपाल की पत्नी की पहली दिवाली, टूटे अरमान, बहराइच हिंसा में गोली मारकर हुई थी हत्या
ये बड़ी चेतावनी भी है कि भारतीय संस्कृति, जो वैदिक संस्कृति है उसको अगर बचाना है तो बंटवारे से बचें। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। संवैधानिक पद पर रहते हुए भी उन्होंने लोगों की जीवन रक्षा के लिए कहा कि बंटोगे तो कटोगे। मतलब एकजुट रहें।
विज्ञापन
जगदगुरु परमहंस ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविद का हवाला देते हुए कहा कि जो न्याय देर से मिलता है, वो अन्याय के सामान होता है। उन्होंने ये भी कहा कि बांग्लादेश भारत का हिस्सा है। जब से वो अलग हुआ और इस्लामिक राष्ट्र बना तो वहां लगातार सनातनियों पर अत्याचार हुए। हिंसा हुई, दुष्कर्म हुए और सनातनियों की संख्या दिनों दिन कम हुई है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - रामलला की पहली दिवाली: 84 कोस तक फैली दीपोत्सव की आभा, रोशन होंगे 200 से अधिक मठ-मंदिर
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - UP: फीकी हुई रामगोपाल की पत्नी की पहली दिवाली, टूटे अरमान, बहराइच हिंसा में गोली मारकर हुई थी हत्या
ये बड़ी चेतावनी भी है कि भारतीय संस्कृति, जो वैदिक संस्कृति है उसको अगर बचाना है तो बंटवारे से बचें। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की। संवैधानिक पद पर रहते हुए भी उन्होंने लोगों की जीवन रक्षा के लिए कहा कि बंटोगे तो कटोगे। मतलब एकजुट रहें।