बकरियां बेचकर जब्बार ने बनवाया शौचालय, अखिलेश ने किया कुछ ऐसा कि वापस लौटी खुशियां
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बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने वाले जब्बार की फरियाद शासन-प्रशासन ने भले नहीं सुनीं। लेकिन जब यह खबर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक पहुंची तो उन्होंने एमएलसी आनंद भदौरिया के जरिए जब्बार को फिर से बकरियां दिलाई।
शनिवार की दोपहर एमएलसी गनेशपुर नेवादा पहुंचे। एमएलसी ने बेची गई बकरियां खरीदकर फिर जब्बार को वापस दिलाया। दोबारा बकरियां वापस पाकर जब्बार का चेहरा खिल उठा।
दरअसल, लहरपुर विकासखंड के गनेशपुर नेवादा में रहने वाले जब्बार का परिवार जमीन के एक टुकड़े पर छप्पर डालकर रहता है। मुफलिसी की जिंदगी गुजार रहे जब्बार को हमेशा यह टीस रही कि उसका परिवार बाहर खुले में शौच जाता है।
जब्बार ने शौचालय बनवाने के लिए कड़ी मेहनत की। लेकिन रकम नहीं जुटा सका। सरकार से मदद की गुहार लगाई, पर आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। आखिर में जब्बार ने इस समस्या के समाधान का हल निकाला। मजबूरी में जब्बर ने अपनी सात बकरियां बेच दीं।
हालांकि यही बकरियां उसके परिवार के गुजर-बसर का जरिया भी थीं। लेकिन जब्बार ने मात्र पन्द्रह हजार रुपये में बकरियां बेचकर शौचालय बनवाना ज्यादा मुनासिब समझा।
बेहद प्रभावित हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
बकरियां बेचकर शौचालय बनवाने की खबर जब मीडिया के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को मिली तो वह जब्बार के इस फैसले से बेहद प्रभावित हुए।
उन्होंने ने सीतापुर के एमएलसी आनंद भदौरिया को जब्बार की मदद करने भेजा। आनंद शनिवार की दोपहर नेवादा पहुंचे और वहां उसे 21,800 रुपये मूल्य की बकरियां खरीदकर फिर से जब्बार को सौंप दी।