अखिलेश की आईटी सिटी, लाएगी लाखों जॉब्स
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आईटी सिटी और ट्रिपल आईटी राजधानी को बंगलूरू की तर्ज पर बड़ा टेक्निकल हब बना देंगे। आईटी सिटी के जरिये राजधानी में दो साल बाद सीधे तौर पर कम से कम 25 हजार और 75 हजार परोक्ष नौकरियों का सृजन होगा।
इस तरह इन परियोजनाएं की शुरुआत के साथ ही लगभग एक लाख नौकरियों का रास्ता खुल जाएगा और भविष्य में गुड़गांव, नोएडा और बंगलूरू की राह पर राजधानी चल पड़ेगी।
अकेले उत्तर प्रदेश में ही हर साल विभिन्न संस्थानों से करीब एक लाख इंजीनियरिंग स्नातक पास आउट होते हैं। उन्हें नौकरी के लिए दूर-दराज के शहरों में जाना पड़ता है।
लखनऊ आईटी सिटी के लिए एचसीएल की निवेशक कंपनी वामासुंदरी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड को विकासकर्ता चुना गया है।
कंपनी पहले चरण के तहत 30 एकड़ में सूचना प्रौद्योगिकी इकाई, 20 एकड़ में अन्य प्रौद्योगिकी इकाइयों और 10 एकड़ में कौशल विकास केंद्र की स्थापना करेगी।
सूबे के इंजीनियरिंग स्नातकों को इनमें काम के अवसर मिल सकेंगे।
ट्रिपल आईटी में पढ़ाई, आईटी सिटी में नौकरी
ट्रिपल आईटी में मुख्य रूप से बीटेक और एमटेक के कोर्स होंगे। इनमें जेईई के माध्यम से चयन होगा। इसमें पहले साल सभी कोर्स में 120 बच्चों का चयन किया जाएगा।
वहीं इसमें आने वाले समय में अधिकतम 180 सीटों पर चयन होगा। करीब 144 करोड़ रुपये की लागत से यह संस्थान बनेगा।
प्रदेश में अभी केवल इलाहाबाद में ही ट्रिपल आईटी है। यहां से चुने हुए बच्चों को आईटी सिटी में जॉब का बेहतरीन मौका मिल सकेगा।
आईटी सिटी के कौशल विकास केंद्र में प्रशिक्षण पाने वाले युवाओं में यूपी के निवासियों को विशेष वरीयता दी जाएगी। उनको हर माह ट्यूशन फीस में 50 फीसदी (अधिकतम पांच हजार रुपये तक) सब्सिडी दी जाएगी।
आईटी सिटी को केंद्र सरकार की ओर से विशेष आर्थिक परिक्षेत्र (सेज) का दर्जा दिया गया है। यहां स्थापित होने वाली सॉफ्टवेयर इकाइयों को सेज के सभी लाभ दिए जाएंगे।
यहां से सॉफ्टवेयर का निर्यात भी बढ़ेगा, जिससे आईटी के क्षेत्र में यूपी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो जाएगा। जो कंपनियां नौकरी में यूपी के लोगों को वरीयता देगी, उन्हें प्रदेश सरकार विशेष लाभ देगी।
मेदांता अवध में 25 हजार को रोजगार
कोई कंपनी यदि अपने कुल कर्मचारियों में यूपी के लोगों के लिए 50 फीसदी आरक्षण देती है, तो उनकी भविष्य निधि और राज्य कर्मचारी बीमा पर खर्च होने वाली 75 फीसदी रकम राज्य सरकार वहन करेगी।
यहां स्थापित होने वाले मेदांता अवध हॉस्पिटल में 25 हजार लोगों को सीधे रोजगार प्राप्त होगा।
एक हजार बेड वाले इस हॉस्पिटल में 30 ऑपरेशन थिएटर, 300 क्रिटिकल केयर बेड एवं 20 से अधिक विशिष्ट रोगों के इलाज की व्यवस्था होगी।