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अखिलेश सरकार की एक और स्कीम बंद, मजदूरों को नहीं मिलेगा 10 रुपये में खाना

Tue, 18 Jul 2017 01:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 18 Jul 2017 01:43 PM IST
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irctc wind ups scheme of supplying cheap food to labourer class
फाइल फोटो

मजदूरों को अब दस रुपये में सस्ता व पौष्टिक भोजन नहीं मिलेगा। सोमवार को आईआरसीटीसी ने 750 मजदूरों को अंतिम बार भोजन परोसने के बाद योजना से हाथ खींच लिए हैं। 

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राज्य सरकार ने आईआरसीटीसी से योजना चलाने का आग्रह किया, लेकिन आईआरसीटीसी अधिकारियों ने नई कैटरिंग पॉलिसी का हवाला देते हुए मना कर दिया।

मालूम हो कि पिछले वर्ष राज्य सरकार ने भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के साथ मिलकर पंजीकृत मजदूरों के लिए सस्ता व बेहतर भोजन उपलब्ध कराने की योजना शुरू की थी।
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इसके तहत आईआरसीटीसी ने देवा रोड स्थित अमृत फूड से खाना तैयार करवाकर कंस्ट्रक्शन साइटों पर पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले साल 10 मई को लोकभवन में काम कर रहे मजदूरों को भोजन भी परोसने के साथ योजना का उद्घाटन किया था। 
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आईआरसीटीसी अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल 17 अप्रैल को राज्य सरकार के साथ किया गया समझौता खत्म हो गया था। इसके बाद सरकार ने योजना तीन महीने और बढ़ाने का आग्रह किया था, जो 17 जुलाई को खत्म हो गया। 

सोमवार को वृंदावन, न्यू पुलिस भवन, एचसीएल, कैंसर अस्पताल, डीएलएफ में काम कर रहे 750 मजदूरों को अंतिम बार खाना परोसा गया। इन मजदूरों के लिए मंगलवार से खाने का संकट पैदा हो जाएगा। 

अधिकारियों ने आगे बताया कि रेलवे की नई कैटरिंग पॉलिसी आ गई है, जिसके तहत आईआरसीटीसी सिर्फ ट्रेनों व स्टेशनों पर ही खाना परोसेगी। 

ऐसे सभी नॉन रेलवे एवेन्यू में काम बंद कर दिया जाएगा। इसी क्रम में लखनऊ में योजना को अलविदा कहा गया है। आईआरसीटीसी ने 15 महीने तक मजूदरों को खाना परोसा। प्रतिमाह 4500 मजदूरों को अलग-अलग साइटों पर भोजन परोसा जाता था।

10 रुपये मजदूर, 30 रुपये देती थी सरकार

irctc wind ups scheme of supplying cheap food to labourer class
अख‌िलेश यादव - फोटो : amar ujala

आईआरसीटीसी मजदूरों को खाने में दाल, चावल, रोटियां, सब्जी, अचार, सलाद व गुड़ दिया जाता था। इसकी लागत 40.48 रुपये प्रति टिफिन आती थी। इसमें से मजदूरों से सिर्फ दस रुपये लिया जाता था, 30.38 रुपये का भुगतान राज्य सरकार आईआरसीटीसी को करती थी।

अक्षयपात्र ने भी किया मना
आईआरसीटीसी अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने अक्षयपात्र से योजना चलाने को कहा, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बाद टेंडर भी निकाला गया, लेकिन किसी ने आवेदन नहीं किया। जिससे सरकार के पास मजदूरों को खाना खिलाने के लिए संकट पैदा हो गया है।

आईआरसीटीसी व राज्य सरकार के बीच मजदूरों को सस्ता भोजन परोसने को लेकर हुआ करार सोमवार को समाप्त हो गया है। लखनऊ में आईआरसीटीसी खाना नहीं बांटेगी। 

चूंकि, न्यू कैटरिंग पॉलिसी के तहत आईआरसीटीसी सिर्फ रेलवे कैटरिंग का ही काम करेगी, इसलिए योजना से हाथ खींचना पड़ा। गाजियाबाद व नोएडा में अभी यह स्कीम चलती रहेगी।
-अश्विनी श्रीवास्तव, मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक, आईआरसीटीसी

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