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मुख्यमंत्री की महात्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण इसे बनाने वाली कंपनी और एलडीए के तकरार के बीच फंस गया है। निर्माण में देरी पर मुख्य सचिव ने नाराजगी जताते हुए प्राधिकरण के अफसरों को काम में तेजी लाने को कहा है।
वहीं कंपनी को अपने रीयल एस्टेट बुकिंग की चिंता सता रही है। ऐसे में स्टेडियम की इस महात्वाकांक्षी परियोजना में लगातार देरी होती जा रही है। सूत्रों की माने तो निर्माणकर्ता कंपनी चाहती है कि, वह अपनी हाउसिंग स्कीम भी साथ ही साथ लांच कर दे। ताकि, उसको निर्माण के लिए बजट भी मिलता रहा।
जबकि एलडीए पहले खेल परिसर के निर्माण का दबाव डाल रहा है। ऐसे में पूरी परियोजना ही अटक रही है। स्टेडियम की प्रगति को लेकर जब प्राधिकरण उपाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार सिंह से पूछा गया तो उन्हाेंने बताया कि, स्टेडियम को लेकर कुछ इश्यू हैं। उन्हें शॉर्ट आउट किया जा रहा है।
लविप्रा के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम निर्माण में कुछ शिथिलता बरती जा रही है। इसे लेकर सरकार खुश नहीं है। एलडीए के अधिकारियों को निर्देशित किया जा रहा है कि, वे तेजी से काम निपटाएं।
2016 में स्टेडियम को पूरा करने का किया दावा
आईपीएल 2016 से स्टेडियम का आगाज करने का दावा इकाना स्पोर्ट्स सिटी के अधिकारियों ने किया है। उनको अक्तूबर-2014 में प्राधिकरण की ओर से यहां की 48 एकड़ भूमि हैंडओवर की गई है।
इस भूमि पर केवल क्रिकेट स्टेडियम बनाया जाएगा। इसमें आईसीसी के सभी मानक पूरे किए जाएंगे। करीब 50 हजार दर्शकों की क्षमता वाला होगा यह स्टेडियम। इसमें एक क्रिकेट अकादमी भी होगी, जहां प्रशिक्षण के साथ ही क्रिकेटर और कोच के लिए निवास की भी सुविधा होगी।
कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि, हर हाल में अप्रैल-2016 में ये क्रिकेट स्टेडियम बन कर तैयार हो जाएगा। इसके साथ ही फुटबाल स्टेडियम भी होगा। छह हजार दर्शकों की क्षमता का एक इंडोर स्टेडियम होगा।
क्रिकेट स्टेडियम के अलावा इस पूरे खेल परिसर का निर्माण पूरा होने में 2017 तक का समय लगेगा। कंपनी यहां रीयल एस्टेट डवलपमेंट शुरू करेगी। कंपनी 35 साल तक यहां खेल परिसर का रखरखाव करेगी। इसके बाद इस पूरे परिसर को खेल निदेशालय को हैंडओवर कर दिया जाएगा।