फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Investment Implementation unit will be organised in all the departments in UP.

UP: निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने का काम शुरू, विभागों में गठित होगी 'इन्वेस्टमेंट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट'

Tue, 14 Feb 2023 07:06 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 14 Feb 2023 07:06 PM IST
सार

यूपी इंवेस्टर्स समिट 2023 में आए निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने का काम शुरू हो चुका है। बताया जा रहा है कि 16 लाख करोड़ से अधिक के 13 हजार से अधिक ऐसे प्रस्ताव हैं जो तत्काल जमीन पर उतरने को तैयार हैं।

विज्ञापन
Investment Implementation unit will be organised in all the departments in UP.
बैठक में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपी इंवेस्टर्स समिट 2023 में आए 33 लाख 50 हजार करोड़ के औद्योगिक निवेश के प्रस्ताव प्राप्त करने के साथ देश-दुनिया में  हो रही उत्तर प्रदेश की प्रशंसा के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव तथा औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के सीईओ के साथ विशेष बैठक कर मुख्यमंत्री जी ने विभागवार निवेश प्रस्तावों की समीक्षा की और क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की प्रेरणा एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 का सफल आयोजन हुआ। इस आयोजन में 10 कन्ट्री पार्टनर, 40 देशों के 1000 से अधिक विदेशी प्रतिनिधियों, पार्टनर कंट्री के 4 मंत्रीगण, 17 केंद्रीय मंत्रीगणों, 05 राजदूतों और उच्चायुक्तों और 25000 से अधिक डेलीगेट्स सहित राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों तथा अन्य गणमान्य महानुभावों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया। यह आयोजन हमारी 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं, युवाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने वाला है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी ने निर्देश दिया कि निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन, सतत मॉनीटरिंग के लिए सभी विभागों में 'इन्वेस्टमेंट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट' का गठन किया जाए। सचिव स्तर के अधिकारी को इसका मुखिया नामित किया जाना चाहिए। हर एमओयू के लिए नोडल अधिकारी नामित करें। यह यूनिट अपने विभाग से जुड़े हर निवेश प्रस्ताव के क्रियान्वयन और निवेशकों से संवाद-संपर्क के लिए जिम्मेदार होगी। इसके साथ ही, विशेष सचिव और इससे ऊपर स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को सेक्टरवार अथवा निवेश प्रस्ताव वार मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी जाए। कार्य की प्रगति संबंधित अधिकारी की दक्षता का प्रमाण बनेगी। हर एक प्रस्ताव की टाइमलाइन तय कर दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि 16 देशों के 21 नगरों और देश के 10 शहरों में रोड शो सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में निवेशक सम्मेलन के उपरांत तीन दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 33.50 लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश प्रस्ताव होना अभूतपूर्व है। असमान विकास और उपेक्षा का दंश झेलने वाले बुंदेलखंड और पूर्वांचल के लिए व्यापक निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी, ईवी, टेक्सटाइल, फ़ूड प्रोसेसिंग, सर्कुलर इकॉनमी, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित हर सेक्टर में उद्यमियों ने रुचि दर्शायी है।इससे प्रदेश के औद्योगिक विकास को नयी गति मिलेगी और सबका साथ-सबका विकास का मंत्र साकार होगा।

प्रधानमंत्री मोदी के विजन रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म को आत्मसात करते हुए उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के साथ ही विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हुआ है और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बना है। जीआईएस-2023 की आशातीत सफलता इसी का परिणाम है। अब उत्तर प्रदेश इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इस दिशा में तीव्र गति से अग्रसर होगा।

जीआईएस के दौरान हमें 16 लाख करोड़ से अधिक राशि के 13 हजार से अधिक ऐसे प्रस्ताव मिले हैं, जिन्हें निवेशकर्ता द्वारा तत्काल जमीन पर उतारने की तैयारी कर ली गई है। 2.80 लाख करोड़ मूल्य के 29 एमओयू पब्लिक सेक्टर यूनिट (पीएसयू कंपनी) की ओर से मिले हैं। निवेशकर्ता इन प्रोजेक्ट पर तत्काल काम शुरू करने को तैयार हैं। सरकार के साथ मिलकर पीपीपी मोड पर विकास कार्यों के लिए 2.45 लाख करोड़ के 99 एमओयू हुए हैं। क्रियान्वयन सूची में इन्हें शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।

चरणबद्ध रूप से संचालित होने वाली परियोजनाओं में 3 लाख 90 हजार करोड़ रुपये निवेश मूल्य के 34 औद्योगिक प्रस्ताव अगले दो वर्ष के भीतर क्रियान्वित होने को तैयार हैं। इसी प्रकार बड़े औद्योगिक समूहों की ओर से 4.11 लाख करोड़ रुपयेके 782 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। निवेशकर्ता संस्था, फर्म और कंपनी की जरूरतों के अनुसार इनका समयबद्ध क्रियान्वयन शुरू कराया जाए।

निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए यह अति आवश्यक है कि निवेशकर्ता से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखा जाए। उनकी जरूरतों, अपेक्षाओं का तत्काल समाधान हो। प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित हो कि हर निवेशकर्ता को यथोचित रिस्पॉन्स मिले। कोई भी फाइल लंबित न रहे। निर्णय में कतई देरी न हो। हर एक एमओयू की नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाए।

सभी अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव अपने विभागीय मंत्रीगण के नेतृत्व में अपने सम्बंधित विभागों को प्राप्त औद्योगिक निवेश प्रस्तावों की तत्काल समीक्षा करें। हमें अगले छह माह की अवधि में एक बड़ी संख्या में निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारते हुए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन करना है। औद्योगिक विकास विभाग, इन्वेस्ट यूपी से आवश्यकतानुसार सहयोग लें।

मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र योजना अंतर्गत 'उद्यमी मित्रों की तैनाती तत्काल कर दी जाए

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि निवेशकों की सुगमता के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी मित्र योजना अंतर्गत 'उद्यमी मित्रों की तैनाती तत्काल कर दी जाए। 10 उद्यमी मित्र राष्ट्रीय स्तर पर तैनात करें, अथॉरिटी लेवल पर न्यूनतम 25 और हर जिले में न्यूनतम एक उद्यमी मित्र की तैनाती कर दी जाए। विदेशी निवेशकों की सुविधा को देखते हुए औद्योगिक विकास विभाग द्वारा एक कॉल सेंटर की स्थापना भी की जाए। यहां दक्ष प्रोफेशनल की तैनाती की जानी चाहिए।

औद्योगिक विकास एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति सहित सभी सेक्टोरल नीतियों का लाभ निवेशकर्ता को बिना विलंब, न्यूनतम ह्यूमन इन्टरफेयरेन्स, के मिले, इसके लिए नीति के अनुरूप शासनादेश और नोटिफिकेशन जारी कर पोर्टल आदि में तकनीकी प्रबंध कर लिया जाए ताकि निवेशक को कहीं कोई असुविधा न हो और निवेश प्रस्ताव सरलता के साथ क्रियान्वित हो सकें। एमओयू के क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों में आवेदन का प्रारूप एक जैसा हो तो उद्यमियों को सुविधा होगी। विभाग की नीतियों के अनुरूप यथावश्यक बदलाव किया जा सकता है। निवेशकों को देय इंसेंटिव समय पर मिलें। 

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उद्योगों के लिए भूमि प्राथमिक आवश्यकता है। 33 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए हमें व्यापक भूमि की आवश्यकता होगी। निजी इंडस्ट्रियल पार्क के लिए भी हमें प्रस्ताव मिले हैं। राज्य सरकार फार्मा पार्क, टेक्सटाइल पार्क का विकास करने जा रही है। यद्यपि प्रदेश में पर्याप्त लैंडबैंक उपलब्ध है, फिर भी निवेशकर्ता की रुचि, प्रोजेक्ट की आवश्यकता के अनुसार भूमि उपलब्ध हो, इसके लिए और प्रयास करना होगा। इसमें राजस्व विभाग और सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की बड़ी भूमिका होगी।

'सिक यूनिट' की पहचान करते हुए इनकी उपयोगिता के बारे में आवश्यक नीति तैयार करें। भारत सरकार से हर संभव सहयोग मिलेगा। इन औद्योगिक इकाइयों की भूमि प्राइम लोकेशन पर है, ई का सदुपयोग किया जाना चाहिए।

राज्य स्तर पर उद्योग बंधु की बैठक प्रत्येक तीन माह पर जरूर हों। इसी प्रकार, जिलों में जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान के साथ जनपदीय उद्योग बंधु की बैठक हर महीने अनिवार्य रूप से हो। स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की नियमित बैठक हो, इसमें अन्य वित्तीय संस्थानों को भी जोड़ा जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed