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केजीएमयूः रैगिंग मामले में जांच शुरू, छात्रों के हुए बयान, आरोपी छात्रों ने लगाई गुहार

Tue, 21 May 2019 12:52 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 21 May 2019 12:52 PM IST
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investigation starts in ragging case of KGMU
डेमो

केजीएमयू में हुई रैगिंग के मामले की सोमवार को जांच शुरू हो गई है। कमेटी की बैठक में एक-एक छात्र से पूछताछ की गई। इस दौरान उनके परिवारीजनों से भी बातचीत की गई है। दूसरी तरफ आरोपी छात्रों ने संयुक्त रूप से कमेटी को एक पत्र दिया है। इसमें रैगिंग में संलिप्त नहीं होने की दुहाई देते हुए माफी मांगी है।

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केजीएमयू में एक के बाद एक रैगिंग की घटनाएं हो रही हैं। 12 मई को हुई घटना की जानकारी मिलते ही केजीएमयू प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर दी है। सोमवार को इस कमेटी की बैठक हुई। इसमें पीड़ित छात्रों के अलग-अलग बयान लिए गए हैं।
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इस दौरान उनके परिवारीजनों से भी बातचीत की गई। करीब चार घंटे चली बैठक में अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने बताया कि रैगिंग के मामले को गंभीरता से लिया गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सिद्ध हुआ तो दोषियों के खिलाफ हर हाल में कार्रवाई की जाएगी

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यह है मामला

investigation starts in ragging case of KGMU
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ताजा मामला 12 मई को हुई रैगिंग का है। इस मामले में कानपुर निवासी एक छात्र की मां ने शिकायत की थी। बताया जाता है कि शिकायतकर्ता केजीएमयू की छात्रा रह चुकी हैं। शिकायत में बताया गया था कि रैगिंग के शिकार आठ छात्र हुए हैं। आरोपी 13 छात्रों में दो एमबीबीएस 2015 बैच और 11 एमबीबीएस 2016 बैच के हैं।

इस पर केजीएमयू प्रशासन ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी आरोपी छात्रों को हॉस्टल से बेदखल कर दिया। इतना ही नहीं उनके कैंपस में घुसने पर रोक लगा दी। मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।

डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. जीपी सिंह के नेतृत्व में गठित कमेटी में फोरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनूप वर्मा, रेस्पेरेटरी विभाग के डॉ. आनंद श्रीवास्तव, क्वीन मैरी की डॉ. सुजाता देव और डेंटल से डॉ. नंदलाल को शामिल किया गया है।

दूसरी तरफ जांच कमेटी से आरोपी छात्रों ने गुहार लगाई है। उनका कहना है कि वे रैगिंग नहीं किए थे। सिर्फ छात्रों से बातचीत की गई थी। वे इस मामले में जूनियर छात्रों से भी माफी मांगने के लिए तैयार हैं। आरोपी छात्रों ने केजीएमयू प्रशासन से माफी मांगते हुए एक मौका मांगा है। उनका कहना है कि परीक्षा को देखते हुए उनका हॉस्टल से बेदखली का आदेश वापस लिया जाए।

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