राज्यपाल राम नाईक बोले, ऑनलाइन हो लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट
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राज्यपाल राम नाईक का कहना है कि सरकार को न्यायालयों की तर्ज पर लोकायुक्त की जांच रिपोर्ट को भी ऑनलाइन करने पर विचार करना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई।
भ्रष्टाचार पर अंकुश और सुशासन के लिहाज से लोकायुक्त संगठन की भूमिका काफी अहम है। जनता में इस संस्था के प्रति विश्वास पैदा किया जाना चाहिए। सरकारी कामकाज में भ्रष्टाचार के खिलाफ होने वाले निर्णयों की जानकारी समाज को होनी चाहिए।
राजभवन में बृहस्पतिवार को नवनियुक्त उप लोकायुक्त शंभूसिंह यादव के शपथ ग्रहण के बाद निवर्तमान उप लोकायुक्त स्वतंत्र सिंह की पुस्तक ‘द उत्तर प्रदेश लोकायुक्त एंड उप लोकायुक्त एक्ट 1975 विद कमेंट्री’ का विमोचन करते हुए राज्यपाल ने यह बात कही। नाईक ने कहा कि जनतंत्र में सुशासन का बहुत महत्व होता है।
सुशासन के लिए भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन मिलना जनता का अधिकार है और भ्रष्टाचारमुक्त शासन देना सरकार का दायित्व है। अधिकार और दायित्व को जोड़ने का काम लोकायुक्त संस्था करती है।
'भ्रष्टाचार की शिकायत पर जल्द ही जाए कार्रवाई'
नाईक ने कहा कि भ्रष्टाचार आज कैंसर की तरह हमारे समाज में व्याप्त है। भ्रष्टाचार की शिकायत की जांच लोकायुक्त करते हैं। जांच के बाद नियमानुसार सिफारिश सहित अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव को भेजते हैं।
निर्धारित अवधि में कार्रवाई न होने पर लोकायुक्त अपनी विशेष रिपोर्ट राज्यपाल को भेजते हैं। संयोगवश अभी उनके साथ-साथ मुख्यमंत्री, लोकायुक्त एवं मुख्य सचिव सभी मौजूद हैं। सबको मिलकर जनता को यह विश्वास दिलाने की जरूरत है कि लोकायुक्त की रिपोर्ट पर कार्रवाई भी होती है।
राज्यपाल ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर जल्द कार्रवाई होनी चाहिए तथा दोषी लोगों को सजा मिलनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि यूपी हिंदी भाषी प्रदेश है। ज्यादातर शिकायतकर्ता भी हिंदी भाषी होते हैं, इसलिए पुस्तक द्विभाषी होती या इसका हिंदी संस्करण होता तो यह आम लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी हो सकती थी। उन्होंने आम लोगों की सुविधा के लिए पुस्तक का जल्द हिंदी रूपांतरण कराने की सलाह दी।
मेहरोत्रा व स्वतंत्र की टीम ने खेली लंबी पारी
राज्यपाल पूर्व लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा व उप लोकायुक्त स्वतंत्र सिंह के लंबे कार्यकाल को लेकर चुटकी लेने से भी नहीं चूके।
उन्होंने कहा, मेहरोत्राजी व स्वतंत्र सिंह की टीम ने बहुत लंबी पारी खेली। नौ साल का लंबा कार्यकाल रहा। अब नई टीम आई है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वतंत्र सिंह को बधाई देते हुए कहा कि पुस्तक के माध्यम से उन्होंने अपने अनुभव साझा किए हैं जिसका लाभ लोकायुक्त संस्था के साथ नए उप लोकायुक्त शंभू सिंह यादव को भी मिलेगा।
नए लोकायुक्त और उप लोकायुक्त को भविष्य में निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। स्वतंत्र सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।