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Lucknow News: नवजात की मौत की जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में
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लखनऊ। लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय में नवजात की मौत के मामले की जांच रिपोर्ट अफसरों ने ठंडे बस्ते में डाल दी है। एक सप्ताह से अधिक समय बाद भी संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। अफसरों ने संविदा पर तैनात नर्स को हटाकर मामला दबा दिया है। उधर, पीड़ित परिवार न्याय के लिए अस्पताल और अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है।
आशियाना की सीता विहार कॉलोनी निवासी कीर्ति पाल को पांच जुलाई को प्रसव पीड़ा हुई थी। परिवारीजन उन्हें लोकबंधु अस्पताल ले गए। पति शुभम ने बताया कि लेबर रूम में प्रसव के दौरान नवजात फर्श पर गिर गया। सिर पर गहरी चोट लगने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर-कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
परिजनों का आरोप है कि अब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन ने जांच के नाम पर संविदा नर्स को हटा दिया, नियमित स्टाफ और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट महानिदेशक के जरिये शासन को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई शासन स्तर से तय होगी। हालांकि, किसी अधिकारी या चिकित्सक की जवाबदेही तय नहीं की गई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण के मुताबिक, अंतिम फैसला शासन लेगा।
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आशियाना की सीता विहार कॉलोनी निवासी कीर्ति पाल को पांच जुलाई को प्रसव पीड़ा हुई थी। परिवारीजन उन्हें लोकबंधु अस्पताल ले गए। पति शुभम ने बताया कि लेबर रूम में प्रसव के दौरान नवजात फर्श पर गिर गया। सिर पर गहरी चोट लगने से उसकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर-कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
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परिजनों का आरोप है कि अब तक दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अस्पताल प्रशासन ने जांच के नाम पर संविदा नर्स को हटा दिया, नियमित स्टाफ और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट महानिदेशक के जरिये शासन को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई शासन स्तर से तय होगी। हालांकि, किसी अधिकारी या चिकित्सक की जवाबदेही तय नहीं की गई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण के मुताबिक, अंतिम फैसला शासन लेगा।
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