रायबरेली जेल में मोबाइल व गांजा मिलने की जांच शुरू, पूछताछ से सकते में आए अफसर नहीं दे सके जवाब
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जिला कारागार में बंदियों से उठक-बैठक कराने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रकरण की जांच शुरू हो गई है। लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय बुधवार देर रात ही रायबरेली पहुंच गए थे।
उन्होंने बुधवार रात और बृहस्पतिवार दिनभर हर बिंदु पर पड़ताल की और जानने की कोशिश की कि जेल की सुरक्षा में किस स्तर पर लापरवाही हुई है। बंदियों के न सिर्फ बयान दर्ज किए, बल्कि सुरक्षा में चूक पर अफसरों से भी सवाल किए।
जेल अधीक्षक ने सवाल पूछा कि तलाशी के बाद भी जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंच गए। उनके इस सवाल पर अफसर सकते में आ गए। अपने-अपने तर्क देने लगे। उन्होंने यह भी पूछा कि गांजा आदि सामान कैसे पहुंच गया। जेल अफसर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
सूत्रों की मानें तो प्रथम दृष्टया लापरवाही के चलते जेल में घटना होना माना जा रहा है। अधीक्षक ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच रिपोर्ट विभागीय उच्च अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
वीडियो वायरल होने पर डीएम व एसपी ने मारा था छापा
गौरतलब है कि बुधवार को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें जेल के अंदर बंदियों से उठक-बैठक कराई जा रही थी। यही नहीं एक दूसरे को थप्पड़ मरवाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद डीएम नेहा शर्मा ओर एसपी सुनील कुमार सिंह ने जेल में छापा मारा था।
छापे के दौरान गांजा, दो मोबाइल, सिम आदि सामग्री बरामद हुई थी। डीआईजी जेल ने प्रकरण की जांच लखनऊ आदर्श कारागार के अधीक्षक आरएन पांडेय को सौंपी थी। जेल अधीक्षक देर रात ही जांच करने के लिए जिला कारागार पहुंचे।
उन्होंने बुधवार रात और बृहस्पतिवार को दिनभर कई पहलुओं पर जांच की। जेलर ज्ञान प्रकाश समेत अन्य जेल अफसरों, सिपाहियों से पूरे प्रकरण से एक-एक करके बयान दर्ज किए।
इसके बाद उठक-बैठक कराने वाले बंदी आकाश यादव और उठक-बैठक करने वाले बंदी दिलीप, धर्मेंद्र और भास्कर के भी बयान दर्ज किए। प्रधान देशराज को खुश करने के लिए आकाश यादव ने बंदियों से उठक-बैठक कराई थी।
करीब 20-25 लोगों के दर्ज किए गए बयान
जेलर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि आदेश आने पर उठक-बैठक लगवाने वाले बंदी आकाश यादव को दूसरी जेल शिफ्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रकरण के बाद सतर्कता बरती जा रही है। बैरकों को चेक करके बंदियों की तलाशी कराई जा रही है।