मनरेगा घोटाला: CBI ने 19 जगहों पर छापे मारे
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मनरेगा के तहत कुशीनगर में घटिया सामग्री का प्रयोग कर बनाए गए पुल के गिर जाने के बाद शुरू हुई जांच के तहत सीबीआई ने बुधवार को कुशीनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल के घर समेत 11, लखनऊ में पांच, बुलंदशहर में एक और गोरखपुर में दो जगहों पर छापामारी की। सीबीआई की एंटी करप्शन टीम को छापामारी के दौरान अहम दस्तावेज हाथ लगने की सूचना है।
कुशीनगर में सीबीआई टीम ने जिला पंचायत अध्यक्ष सावित्री जायसवाल के पति और जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल से पूछताछ की। उसके बाद टीम ने घर की तलाशी ली। उनके कारोबार और संपत्ति के बारे में भी जानकारी हासिल की।
वहीं, खड्डा ब्लॉक के गांवों में सेक्रेट्री के तौर पर कार्यरत रहे एक कर्मचारी को पूछताछ के लिए गोरखपुर स्थित उसके आवास से उठाने की चर्चा भी रही। सीबीआई अफसरों ने खड्डा विकास कार्यालय से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज हाथ लगने की बात भी स्वीकार की है।
यह छापामारी मनरेगा योजना के तहत 2010 में कुशीनगर के खड्डा विकास खंड में पंचायत राज विभाग द्वारा बनवाए गए एक पुल के निर्माण में की गई धांधली की जांच के संबंध में की गई।
अफसरों ने की मनमानी, छह महीने में ही गिरा पुल
हालांकि, मनरेगा में आठ मीटर से अधिक लंबाई का पुल बनाए जाने का प्रावधान नहीं है, लेकिन अफसरों ने मनमानी करते हुए 30 मीटर लंबा पुल बनाया। यह पुल निर्माण के छह महीने बाद ही गिर गया था।
69 लाख रुपये की लागत से बनाए गए इस पुल की जांच में सामने आया कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस मामले में दो अपर मुख्य अधिकारियों, एक अधिशासी अभियंता समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
बाद में अदालत के आदेश पर मामले की जांच सीबीआई ने शुरू कर दी थी। सीबीआई ने अपनी जांच में तत्कालीन सीडीओ, बीडीओ, डीपीआरओ व अन्य की भूमिका को भी संदिग्ध पाया है।