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नरेंद्र मोदी और अखिलेश यादव एक ही सिक्के के दो पहलू: ओवैसी

Mon, 06 Feb 2017 06:43 AM IST
राजेन्द्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
राजेन्द्र सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 06 Feb 2017 06:43 AM IST
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Interview of asaduddin owaisi.
असदुद्दीन ओवैसी - फोटो : फाइल फोटो

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुसलमीन(एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी कहते हैं कि अब तक सेकुलरिज्म, विकास और सुरक्षा के नाम पर धोखा देने की राजनीति हुई है। हम इसे नहीं चलने देंगे। यूपी में हमारा मुकाबला अवसरवादी, कम्युनल ताकतों से है।

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वह इस बात से इन्कार करते हैं कि एआईएमआईएम के चुनाव लड़ने से भाजपा को लाभ मिलेगा। कहते हैं, 2014 में मजलिस यूपी में लोकसभा चुनाव नहीं लड़ी थी, फिर भाजपा को कैसे 73 सीटें मिल गईं। राजधानी आए ओवैसी से ‘अमर उजाला’ ने कई मुद्दों पर बातचीत की, पेश हैं प्रमुख अंश-
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सवाल- आप कितनी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, आपकी रणनीति क्या है?

जवाब
- अभी तक 36 सीटें तय हुई हैं। प्रदेश में कितनी सीटों पर लड़ना है, यह फैसला एआईएमआईएम की स्टेट यूनिट को करना है। हमारी रणनीति साफ है, सेकुलरिज्म और विकास के नाम पर धोखा देने वालों को बेनकाब करेंगे। हमारा मकसद है कि विधानसभा में सही नुमाइंदे पहुंचें। वे न सिर्फ धर्मनिरपेक्षता, विकास और सुरक्षा बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य के मुद्दे मजबूती से उठाएं।
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सवाल- आरोप लगते हैं कि आपके चुनाव लड़ने से भाजपा को मदद मिलेगी?

जवाब
- ऐसा कहना समाजवादी पार्टी का फ्रस्ट्रेशन है। वे बताएं कि 2014 के लोकसभा चुनाव में तो ओवैसी नहीं था। तब यादव फैमिली के सिर्फ 5 लोग ही क्यों जीते। एक भी मुसलमान संसद नहीं पहुंचा। सपा के लोग सेकुलरिज्म के ठेकेदार बनते हैं, लेकिन मुसलमानों के लिए कुछ नहीं करते हैं।

सपा बताए कि मुसलमानों के लिए क्या किया?

Interview of asaduddin owaisi.

सवाल- क्या मुस्लिम वोट न छिटके, इसलिए आपकी घेराबंदी होती है?

जवाब
- ये हम पर आरोप लगाते हैं लेकिन मुजफ्फरनगर दंगा किसके राज में हुआ? दादरी कांड किसके शासन में हुआ? सपा ने चुनाव में किया गया एक भी वादा पूरा नहीं किया। मुस्लिमों को रिजर्वेशन की घोषणा कहां गई, उन्हें 20 फीसदी हिस्सेदारी देने की बात की, लेकिन किसे हिस्सेदारी मिली। उन्होंने कौन-सा विकास किया? सपा सरकार ने मुस्लिम बच्चों की शिक्षा के लिए प्राइमरी, जूनियर और हाईस्कूल खोलने का वादा किया था। क्या कोई स्कूल खुला?

सवाल- सपा-कांग्रेस गठबंधन को किस रूप में देखते हैं?

जवाब
- यह अवसरवादी गठबंधन है। कांग्रेस ‘27 साल यूपी बेहाल’ की जगह क्या अब ‘15 साल यूपी बेहाल’ के नारे लगाएगी?। 27 सालों में 12 साल तो सपा की हुकूमत रही है। कांग्रेस को जवाब देना होगा कि हाशिमपुरा (मेरठ) के दंगा पीड़ितों को क्यों इंसाफ नहीं मिला। यूपीए सरकार ने मुसलमानों को 4.5 फीसदी आरक्षण दिया था। इसके खिलाफ अपने आदेश में हैदराबाद हाईकोर्ट के जस्टिस लोकुर ने कहा कि भारत सरकार के अधिवक्ता ने बराबर अपना पक्ष नहीं रखा। सच्चर कमेटी का प्रजेंटेशन नहीं किया। ये हमारे सौदागर हैं।

'सपा मुसलमानों को गुलाम समझती है'

Interview of asaduddin owaisi.

सवाल- आप केवल मुसलमानों की बात करते हैं?

जवाब-
संविधान में समानता, न्याय और भाईचारे की बात कही गई है। मैं संविधान की बात करता हूं तो गलत क्या है? कुछ लोग सेकुलरिज्म के नाम पर मुसलमानों को धोखा देते हैं। सपा उन्हें गुलाम समझती है, डराकर वोट लेना चाहती है।

सवाल- आपके मुखालिफ नंबर-1 कौन है?

जवाब
- हमारे नंबर-1 सियासी दुश्मन अवसरवादी और कम्युनल लोग हैं। हम नरेंद्र मोदी और अखिलेश यादव को एक ही सिक्के के दो पहलू मानते हैं। दोनों में कोई फर्क नहीं है? खुद मुलायम सिंह कहते हैं कि अखिलेश मुस्लिम विरोधी हैं। आप ही बताइए, बाप पर यकीन करें या बेटे पर।

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