फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   interrogation with simi terrorists.

आतंकियों का खुलासा, यूपी में तबाही मचाना था मकसद

Fri, 26 Feb 2016 08:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 26 Feb 2016 08:25 PM IST
विज्ञापन
interrogation with simi terrorists.

ओडिशा के राउरकेला में गिरफ्तार सिमी आतंकियों के मंसूबों की जानकारी से खुफिया अधिकारी भौचक हैं। आतंकियों से पूछताछ में उनके जो इरादे सामने आ रहे हैं, वे खासे खतरनाक हैं।

विज्ञापन


आतंकी अपने दम पर मंसूबों को अंजाम देना चाहते थे और इसी वजह से वे लूट-डकैती जैसी वारदातों को अंजाम देकर आर्थिक रूप से मजबूत होना चाह रहे थे। इन आतंकियों का इरादा किसी अन्य आतंकी संगठन के साथ काम करने के बजाय खुद का अलग संगठन बनाने का था।
विज्ञापन


आतंकियों से पूछताछ कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए के सूत्रों के अनुसार जिन चार सिमी आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है वे खासे कट्टरपंथी हैं। अपने मंसूबों को अंजाम देने के लिए वे किसी आतंकी संगठन की ऐसी मदद नहीं चाह रहे थे कि वे उसके अधीन होकर काम करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


बल्कि उनका इरादा पहले खुद के ग्रुप को मजबूत करना और फिर इसमें अन्य लोगों को जोड़ने का था। ग्रुप में अधिकतर फिदायीन सदस्य शामिल करने का इरादा था। साथ ही वे सिमी से हटकर अपना नया संगठन बनाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करना चाहते थे।

माचिस की तीली व पटाखों के बारुद से तैयार कर रहे थे विस्फोटक

interrogation with simi terrorists.

इसी वजह से वे इस बार किसी संगठन से विस्फोटक हासिल न कर माचिस की तीली के मसाले से विस्फोटक तैयार कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने सामान्य पटाखों की बारूद का इस्तेमाल कर विस्फोटक बनाने की भी कोशिश की थी।

पूछताछ में आतंकियों ने स्वीकार किया है कि एक अरसे के दौरान वे विभिन्न राज्यों में गए थे। उनका इरादा छिप कर रहने का तो था ही साथ ही विभिन्न राज्यों में वारदातों को अंजाम देने के लिए घटनास्थलों का चयन भी था। लखनऊ में विधानभवन व चारबाग रेलवे स्टेशन की रैकी भी कर ली थी।

सूत्रों ने बताया कि चारों आतंकियों ने कुबूल किया है कि वे काफी पहले से अपना संगठन बनाने के लिए प्रयासरत रहे हैं। यही वजह थी कि बिजनौर में हुए धमाके में महबूब का हाथ व अन्य अंग बुरी तरह जल गए थे। लेकिन बात लीक न हो जाए इसलिए वे उसे किसी डॉक्टर के पास इलाज के लिए नहीं ले गए।

बाद में जब महबूब के घाव सड़ने लगे तो सबने एकमत होकर उसकी मां को बुलाने का फैसला किया था। महबूब की मां के आने के बाद ही उसका इलाज सही तरीके से शुरू हो सका था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed