{"_id":"4e8e1b99a1c07bf65c3e3be10157dbc2","slug":"internal-politics-in-bjp","type":"story","status":"publish","title_hn":"शह और मात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शह और मात
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 13 Jan 2014 02:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवा पार्टी में शह और मात का खेल बदस्तूर जारी है। मामला एक प्रदेश प्रभारी से जुड़ा है।
विज्ञापन
अभी तक इन प्रभारी के लखनऊ की धरती पर कदम रखते ही पार्टी मुखिया का खुफिया तंत्र ऐसा सक्रिय होता कि उनके हर काम की सूचना मुखिया को होती। लोग मन मसोस कर रह जाते कि प्रभारी को अपना दर्द कैसे बताएं।
प्रभारी से वही मिल पाता जिसे पार्टी के मुखिया मिलवाना चाहते। चाल जिसकी भी हो लेकिन मुखियाजी इस बार तिलमिला कर रह गए। दरअसल मुखियाजी प्रभारी को लेने एयरपोर्ट पहुंचे।
विज्ञापन
पर, प्रभारी दूसरी गाड़ी में बैठकर वहां पहुंच गए जहां मुखियाजी ने सपने में भी नहीं सोचा था। तीन दिन लखनऊ प्रवास के दौरान प्रभारी का रहना, खाना और सोना सब कुछ नए ठिकाने पर।
विज्ञापन
बेचारे पार्टी मुखिया और उनका तंत्र, करे भी तो क्या करे। यहां तक तो ठीक था। मुखिया के पैरों के नीचे से धरती उस समय खिसक गई जब प्रभारी ने टिकट चाहने वालों से एक-एक करके और अकेले में मिलने का फैसला किया।
पार्टी के मुखिया दूसरे खेमे को मात देने के लिए कौन सा दांव आजमाएंगे, यह तो आगे पता चलेगा। फिलहाल मुखियाजी ने अपने खुफिया तंत्र को यह चेतावनी जरूर दे दी है कि दोबारा ऐसा हुआ तो वे सबको औकात में ला देंगे।