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एनआईआरएफ रैंकिंग फ्रेमवर्कः आईआईएम व विधि विवि को छोड़ बाकी संस्थानों ने गंवाई रैंक

Fri, 12 Jun 2020 02:46 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Fri, 12 Jun 2020 02:46 PM IST
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NIRF Ranking 2020: HRD ministry issued in NIRF 2020 ranking of institutes
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ)-2020 में आईआईएम व लोहिया विधि विवि को छोड़ राजधानी के बाकी संस्थानों ने अपनी पिछली रैंक गंवा दी। इस साल यह रैंकिंग 10 श्रेणियों में जारी की गई है। ओवरऑल की श्रेणी में सिर्फ केजीएमयू ही जगह बना सका।
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इस श्रेणी में पिछले साल 42वीं रैंक हासिल करने वाले केजीएमयू को 50वीं रैंक से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा राम मनोहर लोहिया विधि विवि को विधि की श्रेणी में 11वां स्थान मिला है। विधि विवि पिछले साल 14वें स्थान पर था। जबकि प्रबंधन संस्थानों में आईआईएम लगातार तीसरे साल चौथे स्थान पर बरकरार रहा।
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पीजीआई ने मेडिकल संस्थानों की रैंक में देशभर में पांचवां स्थान हासिल किया है। पिछले साल संस्थान ने चौथी रैंक हासिल की थी। इस श्रेणी में केजीएमयू ने पिछले साल की 10वीं रैंक बरकरार रखी है। वहीं, भारतीय प्रबंध संस्थान-लखनऊ ने प्रबंधन संस्थानों की श्रेणी में इस साल भी चौथा स्थान हासिल किया है। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने भी इस श्रेणी में 73वीं रैंक हासिल हुई है। पिछले साल 68वीं रैंक हासिल हुई थी।
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विवि की श्रेणी में सिर्फ केजीएमयू ने बचाई लाज

NIRF Ranking 2020: HRD ministry issued in NIRF 2020 ranking of institutes
इंटीग्रल विवि फॉर्मेसी में 46वें नंबर पर
फॉर्मेसी के क्षेत्र में इंटीग्रल विवि ने एक बार फिर से राजधानी के एकमात्र संस्थान के रूप में स्थान बनाया है। इंटीग्रल विवि को देश में 46वां स्थान प्राप्त हुआ है। हालांकि, पिछले साल 40वें स्थान पर था।

10 में से चार श्रेणियों में लखनऊ खाली हाथ
इस साल यह रैंकिंग 10 श्रेणी-ओवरऑल, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, कॉलेज, मैनेजमेंट, फॉर्मेसी, मेडिकल, आर्किटेक्चर, डेंटल और लॉ में जारी की गई है। इनमें से कॉलेज, डेंटल, इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर की श्रेणी में लखनऊ का एक भी संस्थान नहीं है।  

केंद्रीय और राज्य विवि में से सिर्फ केजीएमयू ही ऐसा संस्थान है जिसने 100 की सूची में स्थान बनाया है। केजीएमयू को विवि की श्रेणी में 32वां स्थान मिला है। पिछले साल 25वां था। बीबीएयू को 100 से 150 के बीच स्थान मिला है।

गिरने के बाद फिर सुधरी विधि विवि की रैंकिंग

NIRF Ranking 2020: HRD ministry issued in NIRF 2020 ranking of institutes
राजधानी में कई विश्वविद्यालय हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर ने विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में आवेदन ही नहीं किया। स्थापना के सौवें साल में चल रहे लविवि ने तो इसके लिए आवेदन ही नहीं किया। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विवि समेत कोई भी प्राइवेट विश्वविद्यालय जगह नहीं बना सके।

राजधानी में कई बड़े इंजीनियरिंग के संस्थान हैं लेकिन इस रैंकिग में वे कहीं नहीं टिके। एकेटीयू एफिलियेटिंग यूनिवर्सिटी है। इस वजह से उसने आवेदन नहीं किया। किंतु आईईटी समेत सभी प्राइवेट संस्थान भी इससे गायब हैं। एकेटीयू के प्रति कुलपति प्रो. विनीत कंसल ने कहा कि हमारे कई संबद्ध कॉलेज 200 से 250 की रैंक में आए हैं, जिसमें केआईईटी, एकेजी व एबीएस गाजियाबाद से, जेएसएस व गलगोटिया नोएडा व एआईईटी ग्रेटर नोएडा शामिल हैं।

लोहिया विधि विवि की रैंकिंग गिरने के बाद गत वर्ष के मुकाबले फिर सुधरी है। इस बार लोहिया विधि विवि 11वें पायदान पर है। कुल 53.57 अंक मिले हैं। 2019 में यह 14वें पायदान पर था जबकि 2018 में इसकी रैंक 8वीं थी। प्लेसमेंट में पीछे रहने से रैंकिंग में ज्यादा सुधर नहीं हो रहा। विवरण के अनुसार, 18 छात्रों को ही प्लेसमेंट मिला है। अधिकतम चार लाख रुपये सालाना का पैकेज छात्रों को मिला है। ज्यूडिशियल सेवा में यहां के छात्रों ने साख बढ़ाई है। अब तक 100 से ज्यादा छात्र ज्यूडिशियल सेवा में चयनित हो चुके हैं।
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