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दरोगा के पिता की हत्या को बिजली गिरने से हुई मौत बताने वाला एसओ निलंबित

Fri, 27 Aug 2021 01:38 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 27 Aug 2021 01:38 AM IST
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inspector suspend in case of murder of police man's father
लखनऊ। माल के अटारी गांव निवासी अनाज कारोबारी व अयोध्या में तैनात दरोगा द्रवेश त्रिवेदी के पिता तेज नारायण त्रिवेदी (62) की मंगलवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड को बिजली गिरने से हादसा बताने पर तुले माल थानाध्यक्ष राम सिंह को बृहस्पतिवार को आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने निलंबित कर दिया।
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वहीं, एसपी ग्रामीण हृदयेश कुमार और सीओ मलिहाबाद नवीना शुक्ला से स्पष्टीकरण मांगा है। मौके पर गए इन दोनों अफसरों ने उच्चाधिकारियों को गुमराह किया। आईजी के आदेश के बाद एसपी ग्रामीण के कार्यालय से एक विज्ञप्ति जारी की गई। इसमें गोली मारने की बात लिखी गई थी। आईजी ने हत्याकांड का जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया है।
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मालूम हो कि बुधवार देर शाम आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बुजुर्ग तेज नारायण के माथे पर आंख के पास और बांह पर गोली लगने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन तर्क नहीं बदला। इस खबर को अमर उजाला ने ‘दरोगा के पिता की हत्या को पुलिस ने बता दिया बिजली गिरने से मौत’ शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी के बाद आईजी रेंज लक्ष्मी सिंह ने एसपी ग्रामीण हृदयेश कुमार से सवाल-जवाब किया। इसके बाद थानाध्यक्ष माल राम सिंह को तत्काल निलंबित करने का आदेश जारी किया।
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दो दिन, दो बयान
हत्याकांड में एसपी ग्रामीण कार्यालय से दो दिन में दो बयान जारी किए गए। बुधवार को जारी बयान में कहा गया था कि मंगलवार रात करीब एक बजे तेज नारायण घर के बाहर बने पोर्च में मच्छरदानी लगाकर सो रहे थे। अज्ञात लोगों ने उन्हें गोली मार दी। सूचना पर थानाध्यक्ष माल मौके पर पहुंचे। बातचीत में कुछ लोगों ने थानाध्यक्ष को बताया कि बिजली गिरने से वृद्ध की मृत्यु हुई है। बृहस्पतिवार सुबह मृतक के बेटे प्रवेश ने तहरीर दी, जिसमें लिखा कि अज्ञात लोगों ने गोली मारकर उनके पिता की हत्या कर दी। परिवार की सूचना पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया।
वहीं, बृहस्पतिवार को एक बयान जारी किया गया जिसमें कहा गया कि 25 अगस्त को तेज नारायण की अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी और थानाध्यक्ष माल द्वारा तेज नारायण की मृत्यु बिजली गिरने से होना बताया गया। जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण गोली लगना पाया गया। थानाध्यक्ष माल द्वारा उच्चाधिकारियों को भ्रमित करते हुए घटना की गलत सूचना दी गई। इससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। साथ ही इसी विज्ञप्ति में थानाध्यक्ष माल को कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर निलंबित करने की बात भी थी।
सुलगते सवाल
- थानाध्यक्ष ने शव देखे बिना पंचनामा कैसे भरवा दिया?
- पंचनामा भरने वाले पुलिसकर्मियों ने चोट के निशान का जिक्र क्यों नहीं किया?
- थानाध्यक्ष मौके पर गए, पर परिवारीजनों की बात पर भरोसा क्यों नहीं किया?
- आखिर किसने बिजली गिरने से मौत की बात एसओ को बताई?
- सीओ मलिहाबाद और एसपी ग्रामीण को क्या गोली की बात नहीं मालूम थी?
- विज्ञप्ति जारी करने में इतनी जल्दबाजी क्यों?
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार क्यों नहीं किया गया?
जानिए क्या था मामला
तेज नारायण मंगलवार रात बरामदे में मच्छरदानी लगाकर सोए थे। रात करीब एक बजे दो गोली चलने की आवाज सुनकर परिवारीजन बाहर आए तो देखा कि बरामदे की लाइट व पंखा बंद था। चारपाई पर तेज नारायण खून से लथपथ पड़े थे। पुलिस को सूचना दी गई और वृद्ध को अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनकी मौत हो गई। मौके पर पहुंचे एसओ माल राम सिंह ने पड़ताल के बाद अधिकारियों को बताया कि बिजली गिरने से वृद्ध की मौत हुई है।
हत्या का कारण तक नहीं तलाश सकी पुलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
माल। दरोगा के पिता तेज नारायण त्रिवेदी की हत्या के मामले में तीसरे दिन सीओ नवीना शुक्ला ने पड़ताल की कमान संभाली है। उन्होंने कारोबार, पुरानी रंजिश व कुछ अन्य बिंदुओं को पड़ताल में शामिल किया है। वहीं बृहस्पतिवार को दरोगा के घर पहुंचकर परिवारीजनों, नौकर और ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ की गई। परिवारीजनों से कई बिंदुओं पर सवाल किए लेकिन अभी तक पुलिस हत्या का कारण नहीं तलाश सकी है। इस मामले में राम सिंह के निलंबन के बाद एसपी ग्रामीण ने रविंद्र कुमार को एसओ नियुक्त किया है।
तैनाती के तुरंत बाद ही रविंद्र कुमार अटारी गांव में वारदात स्थल पहुंचे। वहीं क्षेत्राधिकारी मलिहाबाद नवीना शुक्ला बृहस्पतिवार दोपहर को अटारी गांव पहुंचीं। उन्होंने परिवार के हर सदस्य से पूछताछ की। सीओ के मुताबिक, कई बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। इसमें कारोबार में वर्चस्व, गांव व आसपास केलोगों से रंजिश, पुराना विवाद, रुपये के लेनदेन सहित कई बिंदु शामिल हैं। सीओ ने दावा किया कि वारदात का जल्द खुलासा कर दिया जाएगा।

अस्पताल प्रशासन व पुलिस पर लापरवाही का आरोप
मृतक के पुत्र व मुकदमे के वादी प्रवेश त्रिवेदी ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। बताया, पिता के गोली लगने के बाद सीएचसी ले जाने पर परिसर में 108 की तीन वैन खड़ी होने के बाद भी आधा घंटे तक टालमटोल किया जाता रहा। आखिर में परिवारीजन घायल को निजी वाहन से अस्पताल ले गए जिससे समय पर इलाज नहीं मिल सका। मृतक के परिवारीजनों का आरोप है कि पोस्टमार्टम से गांव शव आने के बाद से अंतिम संस्कार तक गांव में पुलिस मौजूद रही। उसके बाद दहशतजदा परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस का एक भी सिपाही नहीं रुका। बेटे ने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से मौका-ए-वारदात पर भारी भीड़ व लोगों के आने-जाने से साक्ष्य संकलन पुलिस ने नहीं किया। पुलिस समय से पहुंच जाती तो वारदात स्थल से लोगों को दूर रखती और काफी साक्ष्य मिल सकते थे।
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