हाल-ए-सीएचसीः कूड़े में इंजेक्शन, ओटी में इंफेक्शन
इस हकीकत को सोमवार को वहां इलाज की उम्मीद में पहुंचे मरीजों ने ‘अमर उजाला’ टीम से बयां किया।
सीएचसी में टीम के औचक निरीक्षण में कुछ विशेषज्ञों को छोड़कर प्रभारी से लेकर अधिकांश डॉक्टर और स्टाफ नदारद रहे।
बिना किसी निगरानी के ओटी का दरवाजा खुला मिला तो रिकॉर्ड बिखरे हुए थे। गंदगी का आलम यह कि अस्पताल परिसर में ही गड्ढा खोदकर मेडिकल वेस्ट दफन कर दिया गया।
और तो और 150 से ज्यादा इंजेक्शन के बॉटल कूड़े में फेंके मिले, जबकि उनकी एक्सपायरी डेट फरवरी में थी। सीएचसी की अव्यवस्था पर सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव भी असहाय दिखे। उन्होंने कहा- मैं लगातार कोशिश कर रहा हूं कि सब ठीक हो जाए लेकिन प्रभारी और स्टाफ सहयोग नहीं कर रहा है।
सीएचसी प्रभारी के कक्ष पर भी ताला जड़ा था, लेकिन उनके कक्ष के बगल में बनी ओटी का ताला खुला हुआ था। ओटी में महंगी मशीनों की निगरानी करने वाला कोई नहीं था तो मेज पर दवाएं बिखरी हुई थीं। अधीक्षक कार्यालय के बाहर कुर्सियां और दूसरे सामान फेंके हुए थे।
यहां अल्ट्रासाउंड जांच सोमवार, मंगलवार व शुक्रवार को होती है। सोमवार को यहां सोनोलॉजिस्ट डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के कमरे में ताला लटका मिला। पता चला कि छुट्टी पर हैं। जबकि गर्भवती रीना को चार दिन पहले सोमवार को जांच के लिए बुलाया गया था।