{"_id":"af625ee0fff617374088a59c0ea23e53","slug":"inquiry-set-up-on-computer-supply-in-schools","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों को बताना होगा कहां गए कंप्यूटरों के पैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों को बताना होगा कहां गए कंप्यूटरों के पैसे
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला,लखनऊ
Updated Sun, 30 Mar 2014 09:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) योजना के तहत माध्यमिक स्कूलों में शुरू की गई कंप्यूटर शिक्षा और लगाए गए कंप्यूटरों की जांच की जाएगी।
विज्ञापन
शासन ने इस योजना में थर्ड पार्टी जांच के निर्देश देने के साथ ही 35 फीसदी भुगतान रोक दिया है।
रिपोर्ट में सब कुछ ठीक मिलने पर ही भुगतान किया जाएगा। शासन के इस निर्णय के बाद जिलों में हड़कंप मच गया है।
योजना का बहीखाता ठीक करने की कवायद शुरू हो गई है, ताकि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी न मिले। सर्व शिक्षा अभियान के तर्ज पर राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की शुरुआत की गई है।
विज्ञापन
इस योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों को कुल खर्च का 75 फीसदी देता है और राज्य सरकार को इसमें 25 फीसदी मिलाना होता है। इसके तहत आईसीटी योजना शुरू की गई है।
विज्ञापन
इसका मुख्य मकसद छात्रों को तकनीकी शिक्षा देना है। इसमें छात्रों को कंप्यूटर शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है।
वर्ष 2013-14 में आईसीटी योजना में भारत सरकार ने 149.27 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे।
योजना में पहले चरण में 2500 व दूसरे चरण में 1500 राजकीय व सहायता प्राप्त स्कूलों का चयन कर कंप्यूटर प्रशिक्षण शुरू किया गया। इसके लिए प्राइवेट संस्थाओं को चयनित करते हुए उन्हें प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शासन स्तर पर यह जानकारी मिली थी कि योजना का लाभ सभी छात्रों को नहीं मिल पा रहा है।
चयन के बाद भी सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण नहीं दिया जा रहा है। इसके आधार पर ही 35 फीसदी भुगतान रोकते हुए थर्ड पार्टी जांच के आदेश दिए गए हैं।