केजीएमयू में बनेगा संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग, कोरोना जैसी बीमारियों के नियंत्रण में मिलेगी सहूलियत
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केजीएमयू में अभी परिसर के बीच में संक्रामक रोग नियंत्रण वार्ड बना हुआ है। एक ओर न्यूरोलॉजी विभाग है तो दूसरी तरफ जनरल सर्जरी। कुछ दूरी पर बाल रोग विभाग और सर्जरी के बाद भर्ती होने वाले मरीजों का वार्ड है। ऐसे में संक्रामक रोग नियंत्रण वार्ड को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। कोरोना जैसी बीमारियां भविष्य में भी आ सकती हैं। इसे देखते हुए परिसर में ही एक किनारे संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग बनाने को मशक्कत शुरू हो गई है।
जमीन के आधार पर तय होगी लागत
पहले तय हुआ था कि केजीएमयू के लिए दूसरा परिसर मिलने पर वहां संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग बनाया जाएगा, लेकिन दूसरे परिसर का सपना साकार नहीं हो सका है। इसी बीच कोरोना वायरस दस्तक दे चुका है। इसे देखते हुए केजीएमयू संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग को लेकर सक्रिय हो गया है। सिविल इंजीनियरिंग विभाग को निर्देश दिया गया है कि परिसर में ऐसी जमीन चुनी जाए, जो अन्य विभागों से दूर हो।
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एक्सईएन दिनेश राज का कहना है कि सर्वे के बाद निर्माण का खाका तैयार होगा। फिर उसे केजीएमयू प्रशासन को सौंपा जाएगा। जमीन के आधार पर ही लागत तय होगी। अभी प्रस्ताव प्राथमिक चरण में है।
इसलिए भी जरूरी है नया वार्ड
यहां की जमीन पर नजर
पैथोलॉजी विभाग के पीछे सर्वेंट क्वार्टर वाली जमीन खाली है। पहले सर्जिकल वार्ड के रूप में प्रस्ताव तैयार था। इस जमीन पर संक्रामक रोग नियंत्रण विभाग बनाया जा सकता है। इसी तरह रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के बगल में भी जमीन है। वहीं, केजीएमयू की कुछ जमीनों पर अतिक्रमण भी है। केजीएमयू का संक्रामक रोग नियंत्रण वार्ड पहले अलग था। धीरे-धीरे वह भवन गिर गया। उसके कुछ हिस्से पर अतिक्रमण भी हो गया है।संक्रामक रोग नियंत्रण बोर्ड को मुख्य परिसर में शिफ्ट कर दिया गया है।
केजीएमयू में पिछले साल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्यूनिकेबल डिजीज के महानिदेशक आए थे। उन्होंने अलग विभाग बनाने का सुझाव दिया था। इस पर मेडिसिन विभाग ने संक्रामक रोग नियंत्रण यूनिट बना दी थी। पूरा विभाग विकसित करने को दूसरा परिसर मिलने का इंतजार किया जा रहा था। इस उम्मीद में यह प्रस्ताव धरा रह गया। अब परिसर मिलने की उम्मीद नहीं है। दूसरी तरफ लगातार बीमारियां आ रही हैं।
केजीएमयू प्रशासन सक्रिय
संक्रामक रोग नियंत्रण को लेकर केजीएमयू प्रशासन सक्रिय है। आगे आने वाली ऐसी बीमारियों से निपटने की रणनीति बनाना जरूरी है। - डॉ. सुधीर सिंह, मीडिया प्रभारी केजीएमयू