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अयोध्या में मस्जिद व अस्पताल के लिये विदेश से भी चंदा लेगा इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन ट्रस्ट

Sun, 13 Jun 2021 08:07 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/मोहम्मद इरफान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ/मोहम्मद इरफान Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Sun, 13 Jun 2021 08:07 PM IST
सार

धन्नीपुर गांव में सुन्नी वक्फ बोर्ड को मिली पांच एकड़ जमीन पर शहीद मौलवी अहमदउल्ला शाह फैजाबादी के नाम पर मस्जिद, अस्पताल, लाइब्रेरी, कम्यूनिटी किचन और इण्डो-इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेण्टर के निर्माण की तैयारी चल रही है।

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Indo Islamic Cultural Foundation Trust will also take donations from abroad for mosque and hospital in Ayodhya
धन्नीपुर मस्जिद का मॉडल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अयोध्या के धन्नीपुर गांव में मिली पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद व अस्पताल के निर्माण में विदेश से भी आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। 80जी का टैक्स छूट प्रमाण पत्र जारी होने के बाद इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन ट्रस्ट इसके लिए जल्द ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय में आवेदन करेगा। ट्रस्ट ने मस्जिद निर्माण में आर्थिक सहयोग की कुछ गाइडलाइन भी तय की है, ताकि  मस्जिद के निर्माण में सहयोग देने वालों में देश विरोधी तत्व और नाजायज कारोबार से जुड़े लोग शामिल न हो सकें।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अयोध्या के धन्नीपुर गांव में सुन्नी वक्फ बोर्ड को मिली पांच एकड़ जमीन पर शहीद मौलवी अहमदउल्ला शाह फैजाबादी के नाम पर मस्जिद, अस्पताल, लाइब्रेरी, कम्यूनिटी किचन और इण्डो-इस्लामिक कल्चरल रिसर्च सेण्टर के निर्माण की तैयारी चल रही है। मस्जिद परियोजना के लिए उ.प्र.सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा गठित ट्रस्ट इण्डो-इस्लामिक कल्चरल फाउण्डेशन  80जी का प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब आर्थिक सहयोग का दायरा विदेश तक करने की तैयारी कर रहा है। मस्जिद, अस्पताल, रिसर्च सेंटर आदि के निर्माण में विदेश से चंदा लेने के लिए ट्रस्ट जल्द ही भारत सरकार के गृह मंत्रालय में एफसीआरए के लिये आवेदन करेगा। ट्रस्ट के सचिव व प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि आयकर से छूट के लिए 80 जी और 12ए में पंजीकरण हो गया है। अब ट्रस्ट एफसीआरए के लिए आवेदन की तैयारी कर रहा है। 
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विदेश के दान के लिए अलग होगा खाता
सचिव अतहर हुसैन ने बताया कि सबसे पहले भारतीय स्टेट बैंक की दिल्ली संसद मार्ग शाखा में अलग अकाउंट खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई है। खाता खुलने के बाद एफसीआरए के लिये ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा। इस खाते में ही विदेश से लोग दान की राशि जमा कर सकेंगे।
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देशहित के खिलाफ काम करने वालों से नहीं लेंगे सहयोग
ट्रस्ट मस्जिद, अस्पताल आदि के निर्माण में आर्थिक सहयोग की पहले ही गाइडलाइन बना चुका है। जिसमें उसने साफ किया था कि मस्जिद आदि का निर्माण सिर्फ शरई तौर पर जायज पैसों से ही करवाया जाएगा। मस्जिद में ब्याज (इंटरेस्ट), शराब, जमाखोरी और देश के कानून के खिलाफ जाकर कमाया गया पैसा नही लगाया जाएगा। उनका कहना है कि विदेश से आने वाले चंदे की भी बारीकी से मोनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि ऐसी संस्था या व्यक्ति जो भारत के हित के खिलाफ काम कर रही है उनसे किसी भी तरह का सहयोग नहीं लिया जाएगा।


ऑनलाइन चंदे के लिये पोर्टल से लिंक हैं बैंक खाते
ट्रस्ट ने मस्जिद के लिए अलग और अस्पताल, इण्डो-इस्लामिक रिसर्च सेण्टर, कम्यूनिटी किचन के दो निजी बैंक में अलग खाते खोल रखे है। ट्रस्ट के प्रवक्ता अतहर हुसैन ने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक की लखनऊ ब्रांच में इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के नाम से खाता खोला गया है, जिसकी संख्या 696105600633 है। इस खाते में मस्जिद के लिए धनराशि डाली जा सकती है, जबकि एच डी एफसी की विभूतिखंड ब्रांच में दूसरा खाता जिसकी संख्या 50200051385575 है। इस अकाउंट में अस्पताल, लाइब्रेरी, कम्यूनिटी किचन के साथ रीसर्च सेंटर के लिए धन जमा कर सकते है।उन्होंने बताया कि इन खातों को ट्रस्ट के पोर्टल iicfindia.com से लिंक किया जा चुका है। इस पर ऑनलाइन आर्थिक सहयोग लिया जा रहा है।
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