फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   In lucknow university case vc and dgp presented in front of allahabd high court lucknow bench

एलयू गुंडागर्दी: डीजीपी, एसएसपी को कोर्ट की फटकार, कहा-सोती रही आपकी पुलिस

Fri, 06 Jul 2018 01:49 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 06 Jul 2018 01:49 PM IST
विज्ञापन
In lucknow university case vc and dgp presented in   front of allahabd high court lucknow bench
प्रदर्शन के दौरान कुलपति की कार रोकने की कोशिश। - फोटो : amar ujala

लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षकों के साथ हुई मारपीट के मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

विज्ञापन


कोर्ट के निर्देश पर आज सुबह साढ़े दस बजे डीजीपी, कुलपति, प्रॉक्टर, रजिस्ट्रार और एसएसपी जस्टिस विक्रम नाथ और राजेश सिंह चौहान की बेंच के समक्ष प्रस्तुत हुए।
विज्ञापन


यूपी पुलिस के डीजीपी ओपी सिंह और एसएसपी लखनऊ दीपक कुमार को कोर्ट ने फटकार लगाते हुए पूछा कि जब विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर व अन्य अधिकारी पुलिस से इस प्रकार की घटना का अंदेशा जता चुके थे, फिर भी पुलिस शिक्षकों के साथ मारपीट की घटना रोकने में क्यों विफल रही?
विज्ञापन
विज्ञापन


यही नहीं कोर्ट ने प्रॉक्टर के घर पर रात 12 बजे धमकी दिए जाने की घटना को लेकर दर्ज एफआईआर पर अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी। एसएसपी लखनऊ ने कोर्ट के सामने अपनी सफाई पेश की, लेकिन कोर्ट उनकी दलील से संतुष्ट नहीं हुई। जस्टिस विक्रम नाथ और राजेश सिंह चौहान ने वीसी और प्रॉक्टर को पूरी घटना का ब्योरा एक हफ्ते के अंदर हलफनामें में देने को कहा है।

 साथ ही इस तरह की घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए कोर्ट ने मुख्य सचिव को एक समिति बनाने का निर्देश दिया है। प्रदेश सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता वीके शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश पांडेय उपस्थित हुए। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को रखी गई है।

डीजीपी और एसएसपी को लगी जमकर फटकार

खचाखच भरी अदालत में तलब किए पांचों अधिकारी साढ़े दस बजे पहुंचे।डेढ घंटे तक चली सुनवाई के दौरान अदालत ने पहले लखनऊ विवि के वीसी, रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर को बारी-बारी से बुलाकर घटनाक्रम के संदर्भ में जानकारी ली। इसके बाद डीजीपी और एसएसपी लखनऊ से अब तक की गई कार्रवाई के बारे में पूछा।

कार्रवाई से असंतुष्ट अदालत ने डीजीपी और एसएसपी को नाराजगी भरे स्वर में कहा कि घटना के समय 50 मीटर की दूरी पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन वह सोती रही। इस पर एसएसपी द्वारा सफाई दी गई कि मारपीट की घटना राजनीति से प्रेरित थी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कोर्ट ने अपनी मौखिक टिप्पणी में कहा कि आजकल सभी राजनीतिक दलों का यही काम रहा गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि यूनिवर्सिटी परिसर में शिक्षकों की खुलेआम पिटाई हो जाए। अदालत ने कहा कि क्या अब यही व्यवस्था चलेगी जिसमें शिक्षकों को अपराधी आकर पीट जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed