फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   In 36 hours UP minister to save his post.

...तो रामूवालिया के पास मंत्री पद बचाने के लिए सिर्फ 36 घंटे

Thu, 28 Apr 2016 11:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 28 Apr 2016 11:00 PM IST
विज्ञापन
In 36 hours UP minister to save his post.
बलवंत सिंह रामूवालिया - फोटो : amar ujala

सूबे के कारागार मंत्री बलवंत सिंह रामूवालिया का मंत्री पद बचाने के लिए सरकार के पास कुछ ही घंटे बचे हैं। प्रदेश सरकार ने बृहस्पतिवार को भी उच्च सदन में मनोनयन के लिए उनका नाम राजभवन नहीं भेजा। बिना किसी सदन का सदस्य रहे उन्हें मंत्री पद की शपथ लिए 30 अप्रैल को छह माह पूरे हो जाएंगे।

विज्ञापन


विधान परिषद में छह मनोनीत सदस्यों के पद रिक्त चल रहे हैं। इनका मनोनयन प्रदेश सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल करेंगे। छह सदस्यों में पांच का मनोनयन 11 माह से अटका हुआ है जबकि एक सदस्य का कार्यकाल इसी महीने के प्रारंभ में पूरा हुआ है। पांच सदस्यों के मनोनयन पर राज्यपाल को आपत्ति थी।
विज्ञापन


इसलिए उन्होंने मनोनयन संबंधी फाइल राज्य सरकार को लौटाकर नए नाम भेजने की अपेक्षा जताई थी। रामूवालिया ने 31 अक्तूबर 2015 को मंत्री पद की शपथ ली थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

छह माह में सदस्य बनना जरूरी

In 36 hours UP minister to save his post.

नियमानुसार मंत्री बनने के छह माह के भीतर किसी न किसी सदन का सदस्य बनना जरूरी है। सदन में पहुंचने के लिए फिलहाल उनके सामने विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किए जाने के अलावा कोई और विकल्प नहीं है।

संभावना जताई जा रही थी कि रामूवालिया का मंत्री पद बरकरार रखने के लिए राज्य सरकार उन्हें उच्च सदन का सदस्य मनोनीत करने की सिफारिश राज्यपाल को भेजेगी।

यदि रामूवालिया ने 30 अप्रैल तक विधान परिषद सदस्य की शपथ न ली तो उनका मंत्री पद चला जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed