बदले नियम से होगी चपरासी के लिए लाखों के आवेदन वाली परीक्षा
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सचिवालय में चपरासी के रिक्त 368 पदों पर भर्ती के लिए बड़ी संख्या में आवेदन सचिवालय प्रशासन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।
अब विभाग 23.25 लाख आवेदकों में से रिक्त पदों को भरने के लिए चयन के नियमों में बदलाव कर लिखित परीक्षा कराने जैसे फॉर्मूले पर भी विचार कर रहा है।
चपरासी भर्ती के लिए चयन के तरीके तलाशने के लिए गठित उप समिति की शुक्रवार को पहली बैठक हुई। इसमें चयन के कई मॉडल पर विचार-विमर्श हुआ। मसलन, मौजूदा नियमों के अनुसार सिर्फ साक्षात्कार के जरिए भर्ती की जाए या या शैक्षिक अर्हता बढ़ाकर इंटरव्यू किया जाए।
एक विकल्प अर्हता बढ़ाकर लिखित परीक्षा कराकर छटनी करने का भी है। इसके बाद इंटरव्यू कर रिक्त पदों को भरा जाए। सचिव सचिवालय प्रशासन प्रभात मित्तल ने बताया कि कमेटी अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
पीएचडी धारकों ने भी किया है आवेदन
अगली बैठक मंगलवार को फिर से होगी। इसके बाद कमेटी की संस्तुतियों पर उच्च स्तर पर विचार-विमर्श कर निर्णय होगा।
बता दें कि सचिवालय में चपरासी की नौकरी के लिए बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित लोगों ने आवेदन किया है। इनमें 255 पीएचडी उपाधि धारक हैं तो ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट आवेदकों की तो फेहरिस्त बहुत लंबी है।
प्रदेश में बेरोजगारी का आलम ये है कि कुछ दिन पहले हुई लेखपाल भर्ती परीक्षा के लिए 27 लाख आवेदन आए थे। सचिवालय प्रशासन ने चतुर्थ श्रेणी के 368 पदों पर भर्ती के लिए पिछले महीने आवेदन मांगे थे। आवेदन करने की अंतिम तिथि 13 सितंबर थी।