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हाईकोर्ट ने जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों में 29334 पदों पर गणित और विज्ञान के सहायक अध्यापकों की सीधी भर्ती का रास्ता अभी भी साफ नहीं हो सका है।
मंगलवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले में दाखिल विशेष अपील खारिज कर दी थी लेकिन एकल न्यायपीठ द्वारा दिया गया स्थगन आदेश अभी भी लागू है।
विशेष अपील में खंडपीठ ने याची से अपनी बात एकल पीठ के समक्ष ही रखने का निर्देश दिया है। इस स्थिति में अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए एकल जज के फैसले का इंतजार करना होगा।
परिषदीय जूनियर हाईस्कूलों में सहायक अध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए 11 जुलाई 2013 में जारी विज्ञापन के खिलाफ दो याचिकाएं दाखिल की गई थी।
इन लोगों ने दाखिल की याचिका
एक याचिका नीलम कुमारी गौतम ने दाखिल की, जिस पर एकल पीठ ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी थी।
यह आदेश अभी लागू है। एक अन्य याचिका अनिल कुमार सिंह ने दाखिल की थी जिसे दूसरी न्यायपीठ ने खारिज करते हुए तीन माह में भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।
अनिल कुमार सिंह ने एकल पीठ के निर्णय के विरुद्ध विशेष अपील दाखिल की थी। विशेष अपील पर मंगलवार को न्यायमूर्ति राजेश कुमार और न्यायमूर्ति शमशेर बहादुर सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की।
याची की ओर से अधिवक्ता आरके ओझा ने कहा कि एकल पीठ के सामने यह तथ्य नहीं लाया गया कि एक अन्य पीठ ने नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगाई है।
2013 में जारी किया गया था विज्ञापन
खंडपीठ ने विशेष अपील निस्तारित करते हुए कहा कि एकल पीठ के समक्ष मामला लंबित है और स्थगन आदेश भी लागू है इसलिए याची उन्हीं के समक्ष अपनी बात रखें।
मालूम हो कि जूनियर हाईस्कूल में 29334 पदों पर सहायक अध्यापकों की सीधी भर्ती के लिए 11 जुलाई 2013 को विज्ञापन जारी किया गया था।
कुछ अभ्यर्थियों ने इसे यह कहते हुए चुनौती दी कि नियमानुसार कम से कम आधे पद प्रोन्नति के द्वारा भरे जाएं।
सरकार का कहना था कि प्रोन्नति के द्वारा पद भरे जाने के बावजूद सभी पदों पर भर्ती के लिए योग्य अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं।