कम आय वालों के लिए ये है काम की खबर
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पिछड़े वर्ग के हाईस्कूल विद्यार्थियों को वजीफा देने के लिए आय सीमा बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इस बाबत पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
प्रस्ताव में आय सीमा 30 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये करने का सुझाव दिया गया है। कक्षा 9 और 10 के सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए आय सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है।
अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों के लिए यह दो लाख रुपये सालाना है, तो अल्पसंख्यकों के लिए एक लाख रुपये।
इसी तरह से ओबीसी के उन्हीं छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है, जिनके परिवार की सालाना आमदनी 30 हजार रुपये से अधिक नहीं है। सामान्य छात्रों के लिए तो यह और भी कम है।
कक्षा 9 और 10 के छात्रों को ज्यादा मदद
सामान्य छात्रों के लिए आय शहर में 25546 और देहात में 19884 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। बताते चलें कि दशमोत्तर कक्षाओं में सभी वर्गों के विद्यार्थियों लिए एक समान आय सीमा (दो लाख रुपये सालाना) तय की गई है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशालय के अफसरों का कहना है कि कक्षा 9 और 10 में पढ़ने वाले बच्चों को ज्यादा मदद दिए जाने की जरूरत है। इस स्तर पर अच्छी खासी तादाद में विद्यार्थी स्कूल छोड़ते हैं।
इसलिए निदेशालय ने दो लाख रुपये आय सीमा का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि यह प्रस्ताव शासन के कहने पर ही तैयार किया गया था। इसलिए जल्दी ही इसे हरी झंडी मिल जाएगी। इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में छात्रों को फायदा मिलेगा।
इससे पहले सरकार ने फंड ना होने की वजह से वजीफा ना देने का आदेश भी सुनाया था।