बीएसए के तबादले से जुड़ी अहम खबर, ऐसे रुकेगी उगाही
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दो साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर तैनात जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) और खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का तबादला किया जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर सूची तैयार कराई जा रही है।
इस बार महिला शिक्षा अधिकारियों को भी जिलों में तैनाती में तरजीह देने का फैसला किया गया है। सरकार को बेसिक शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं।
इसलिए विभागीय कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे बीएसए और बीईओ को हटाने का फैसला किया गया है।
यह कवायद शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादले शुरू होने से पहले भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए की जा रही है। स्थिति यह है कि तमाम बीएसए 4-5 साल और बीईओ 6-8 साल से एक ही जगह पर जमे हैं।
अनियमितता सुधारने के लिए उठाया कदम
बीएसए के पद पर उन शिक्षा अधिकारियों को तैनात किया जाएगा, जिनका रिकॉर्ड साफ-सुथरा रहा है। इनमें से कई अधिकारी वर्तमान में कम महत्व के पदों पर काम कर रहे हैं। इतना ही नहीं इन पदों पर तैनाती में महिला अफसरों को वरीयता दी जाएगी।
गीता वर्मा को कासगंज और शमीम खानम को ललितपुर का बीएसए बनाकर इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। शासन का मानना है कि जिलास्तर पर साफ-सुथरी छवि के अफसरों की तैनाती से व्यवस्था को सुधारा जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक दो साल से ज्यादा समय से एक ही स्थान पर जमे अधिकारियों को हटाने का निर्णय ले लिया गया है। इस समय हालत यह है कि रिश्वत लेकर गैरहाजिर शिक्षकों को भी उपस्थित दिखा दिया जाता है। यही नहीं चेकिंग के नाम पर शिक्षकों से उगाही की भी शिकायतें मिल रही हैं।
लंबे समय से एक ही स्थान पर जमे जिला और खंडस्तरीय शिक्षा अधिकारियों को हटाया जाएगा। इसके लिए मैंने बेसिक शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं।
- अहमद हसन, बेसिक शिक्षा मंत्री