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40 इलेक्ट्रिक बसों में से आधी भी नहीं चल रहीं रूट पर, राह ताकते वक्त गुजार रहे यात्री
Mon, 14 Oct 2019 04:38 PM IST
ishwar ashish
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
नरेश शर्मा/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 14 Oct 2019 04:38 PM IST
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दुबग्गा डिपो में रिचार्ज हो रहीं इलेक्ट्रिक सिटी बसें
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ की सड़कों पर शासन व प्रशासन की नजर में 40 इलेक्ट्रिक एसी सिटी बसें फर्राटा भर रही हैं, जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है। लखनऊ सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज कंपनी के बेड़े की 40 इलेक्ट्रिक सिटी बसों में से एक वक्त पर रूट पर आधी बसें भी नहीं चलती हैं।
यानी दुबग्गा डिपो से 40 में से एक बार में सिर्फ 18 से 19 इलेक्ट्रिक सिटी बसें ही रूट पर सवारियों को सफर कराने निकलती हैं और बाकी डिपो की कार्यशाला में रहती हैं। इनमें 12 बसें तो रिचार्ज पॉइंट पर और वेटिंग व मेेेंटेनेंस के लिए 9 से 10 बसें खड़ी रहती हैं।
इस दौरान यात्री चार रूट पर चलने वाली बसों के आवागमन की राह देखते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ संविदा चालक व परिचालक इलेक्ट्रिक बस में ड्यूटी पाने की आस में खड़े रहते हैं। कंपनी के बेड़े में पहली 31 सीटर इलेक्ट्रिक बस फरवरी में शामिल हुई थी। इसके एक माह के बाद से बाकी 39 इलेक्ट्रिक बसें धीरे-धीरे डिपो पहुंच गईं, लेकिन इन 40 इलेेक्ट्रिक सिटी बस का एक साथ अब तक संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
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यानी दुबग्गा डिपो से 40 में से एक बार में सिर्फ 18 से 19 इलेक्ट्रिक सिटी बसें ही रूट पर सवारियों को सफर कराने निकलती हैं और बाकी डिपो की कार्यशाला में रहती हैं। इनमें 12 बसें तो रिचार्ज पॉइंट पर और वेटिंग व मेेेंटेनेंस के लिए 9 से 10 बसें खड़ी रहती हैं।
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इस दौरान यात्री चार रूट पर चलने वाली बसों के आवागमन की राह देखते रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ संविदा चालक व परिचालक इलेक्ट्रिक बस में ड्यूटी पाने की आस में खड़े रहते हैं। कंपनी के बेड़े में पहली 31 सीटर इलेक्ट्रिक बस फरवरी में शामिल हुई थी। इसके एक माह के बाद से बाकी 39 इलेक्ट्रिक बसें धीरे-धीरे डिपो पहुंच गईं, लेकिन इन 40 इलेेक्ट्रिक सिटी बस का एक साथ अब तक संचालन शुरू नहीं हो पाया है।
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इन रूट पर सफर की सुविधाएं
दुबग्गा डिपो द्वारा इलेक्ट्रिक सिटी बसों का चार रूट पर संचालन हो रहा है। इसमें दुबग्गा से गोमतीनगर एवं गोमतीनगर विस्तार और दुबग्गा से पीजीआई के रूट शामिल हैं। यानी अधिकतर इलेक्ट्रिक बसें गोमतीनगर व गोमतीनगर विस्तार होकर ही आवागमन कर रही हैं। इससे यात्री बढ़े हैं, पर उनको इलेक्ट्रिक बस में सफर की सुविधा समय से हासिल नहीं हो रही हैं।
एक बार रिचार्ज पर 200 किमी. चलने का दावा फेल
संविदा कर्मचारी यूनियन की दुबग्गा डिपो के मंत्री आदित्य कुमार ने बताया कि लगभग 75 लाख रुपये की खरीदी गई इलेक्ट्रिक बस के फुल रिचार्ज होने पर 200 किमी. तक चलने का दावा किया गया था। लेकिन इन बसों के 75 से 90 किमी. चलने के बाद ही उनको रिचार्ज करना पड़ रहा है।
एक बार रिचार्ज पर 200 किमी. चलने का दावा फेल
संविदा कर्मचारी यूनियन की दुबग्गा डिपो के मंत्री आदित्य कुमार ने बताया कि लगभग 75 लाख रुपये की खरीदी गई इलेक्ट्रिक बस के फुल रिचार्ज होने पर 200 किमी. तक चलने का दावा किया गया था। लेकिन इन बसों के 75 से 90 किमी. चलने के बाद ही उनको रिचार्ज करना पड़ रहा है।
फुल रिचार्ज पर 90 किमी. ही चल रही बस
20 चालकों के जिम्मे 40 बसें
संविदा कर्मचारी यूनियन की दुबग्गा डिपो के अध्यक्ष राजकमल सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक सिटी बस का संचालन शुरू होने से उनके 20 चालक व 20 परिचालक बेरोजगार हो गए हैं। उनको ड्यूटी नहीं मिल पा रही है। वजह यह है कि 20 चालक ही 40 इलेक्ट्रिक सिटी बस का संचालन कर रहे हैं। एक चालक दो-दो बसें चला रहा है।
कितनी बसें किस रूट पर
रूट बसें
ई-1 दुबग्गा से गोमतीनगर विस्तार 22
ई-2 दुबग्गा से पीजीआई 8
ई-3 दुबग्गा से बीबीडी 6
3ए दुबग्गा से मंत्री आवास 4
फुल रिचार्ज पर 90 किमी. ही चल रही बस
इलेक्ट्रिक बस फुल रिचार्ज होने के बाद 90 किमी. ही चल पा रही है। इससे बस रूट पर एक ही बार आवागमन कर पा रही है। इसके बाद जो बस डिपो वापस लौटती है तो वह रिचार्ज होने लगती है। डिपो में पहले से खड़ी दूसरी बस को रूट पर भेज दिया जाता है। - सतीश कुमार पाल, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक दुबग्गा डिपो
संविदा कर्मचारी यूनियन की दुबग्गा डिपो के अध्यक्ष राजकमल सिंह ने कहा कि इलेक्ट्रिक सिटी बस का संचालन शुरू होने से उनके 20 चालक व 20 परिचालक बेरोजगार हो गए हैं। उनको ड्यूटी नहीं मिल पा रही है। वजह यह है कि 20 चालक ही 40 इलेक्ट्रिक सिटी बस का संचालन कर रहे हैं। एक चालक दो-दो बसें चला रहा है।
कितनी बसें किस रूट पर
रूट बसें
ई-1 दुबग्गा से गोमतीनगर विस्तार 22
ई-2 दुबग्गा से पीजीआई 8
ई-3 दुबग्गा से बीबीडी 6
3ए दुबग्गा से मंत्री आवास 4
फुल रिचार्ज पर 90 किमी. ही चल रही बस
इलेक्ट्रिक बस फुल रिचार्ज होने के बाद 90 किमी. ही चल पा रही है। इससे बस रूट पर एक ही बार आवागमन कर पा रही है। इसके बाद जो बस डिपो वापस लौटती है तो वह रिचार्ज होने लगती है। डिपो में पहले से खड़ी दूसरी बस को रूट पर भेज दिया जाता है। - सतीश कुमार पाल, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक दुबग्गा डिपो