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बुखारी की अपील- बसपा का समर्थन करें मुस्लिम, सपा ने नहीं पूरे किए वादे

Fri, 10 Feb 2017 01:37 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 10 Feb 2017 01:37 AM IST
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 Imam Bukhri says Muslim should support to BSP in UP election.
शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी - फोटो : amar ujala

कभी भाजपा, कभी सपा तो कभी बसपा के पक्ष में पाला बदलने वाले दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने इस विधानसभा चुनाव में फिर से बसपा के समर्थन की अपील की है।

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पहले चरण के लिए प्रचार खत्म होने के बाद बुखारी गुरुवार को अचानक लखनऊ पहुंचे। यहां एक होटल में उन्होंने सपा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर मुसलमानों को धोखा देने का आरोप लगाया।
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बुखारी ने कहा कि 20 प्रतिशत मुसलमानों ने 18 प्रतिशत यादवों की सरकार बनवाई लेकिन सत्ता में आने के बाद अखिलेश यादव ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया। जो मुख्यमंत्री अपने पिता मुलायम सिंह यादव का नहीं हुआ, वह मुसलमानों का क्या होगा?
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बुखारी से सवाल हुआ कि क्या वह अपने दामाद उमर का एमएलसी की सीट से इस्तीफा दिला देंगे? उमर सपा से एमएलसी हैं। बुखारी ने कहा कि यह सवाल उमर से करना चाहिए। क्या दूसरा दामाद आगे बसपा के साथ कोई चुनाव नहीं लड़ेगा और लाभ नहीं लेगा? बुखारी इस सवाल को अनसुना कर टाल गए।

भाजपा ने सपा को जितवाई थीं पांच सीटें

 Imam Bukhri says Muslim should support to BSP in UP election.

इसके बाद सवाल हुआ कि तीन बार भाजपा के साथ सरकार बना चुकी बसपा, क्या इस चुनाव में सीटें कम रहने पर फिर भाजपा से मिलकर सरकार नहीं बनाएगी? उन्होंने इसका सीधा जवाब न देकर कहा कि सपा को लोकसभा चुनाव में पांच सीटें भाजपा ने ही जितवाई थीं। सपा-भाजपा में भी अंदरूनी मिलीभगत है।

बसपा से दूसरे दामाद को एमएलसी व मंत्री बनाने की डील कर रहे बुखारी : नूरानी
दूसरी ओर मुस्लिम मजलिस ए अमल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बिलाल नूरानी ने आरोप लगाया है कि इमाम बुखारी बसपा से डील के तहत अपील कर रहे हैं।

उन्होंने बसपा के सत्ता में आने पर अपने दूसरे दामाद को एमएलसी और मंत्री बनवाने की डील की है। प्रदेश की जनता उनकी असलियत जान गई है। वह उनकी अपील पर गौर करने वाली नहीं है।

'हमेशा सौदेबाजी करके ही करते हैं समर्थन की अपील'

 Imam Bukhri says Muslim should support to BSP in UP election.

नूरानी ने कहा कि बुखारी हमेशा सौदेबाजी करके ही समर्थन की अपील करते रहे हैं। पिछले चुनाव में सपा से सौदेबाजी की और दामाद को टिकट दिलवाया, लेकिन उसकी जमानत तक नहीं बचा पाए। इसके बाद सपा पर दबाव बनाकर उसे एमएलसी बनवाया।

बुखारी जब-जब सपा नेतृत्व से मिले, खास मकसद से ही मिले। उन्होंने कहा, मैं बुखारी के संगठन का प्रदेश अध्यक्ष था। जब तक नहीं समझ पाया, साथ रहा। जब उनकी असलियत जान गया तो इस्तीफा दे दिया।

नूरानी ने दावा किया कि 2011 में भी बुखारी ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी के  जरिए डील की कोशिश की थी। तब मांगें इतनी ज्यादा थीं कि सिद्दीकी ने मानने से इन्कार कर दिया था। आज बसपा की हालत खराब है।

कोई भी कह दे कि उसके पास 50 मुस्लिम वोट हैं तो वह उसी की बात मानने को तैयार हो जाएगी। नूरानी ने कहा कि प्रदेश में गठबंधन की लहर चल रही है। मुस्लिम उसी के साथ जाएंगे।

समर्थन के लिए आभार, चुनाव जीतने के बाद व्यक्तिगत मिलूंगी

 Imam Bukhri says Muslim should support to BSP in UP election.
मायावती

बूखारी के बसपा को समर्थन की अपील पर पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि चुनाव की व्यस्तता के कारण मैं उन लोगों से चाहकर भी नहीं मिल पा रही हूं जो बसपा के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। पर, उन सभी लोगों को धन्यवाद व शुक्रिया अदा करती हूं।

बीएसपी की सरकार बनने पर उन सभी लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का ईमानदारी के साथ पूरा-पूरा प्रयास किया जाएगा।

उन्हें दूसरे दलों की तरह निराश नहीं होने दिया जाएगा। चुनाव खत्म होने व सरकार बनने के बाद उन सबसे व्यक्तिगत तौर पर भी जरूर भेंट करेंगी।

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